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सूनामी कहर के आर्थिक नुक़सान का आकलन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एशियाई देशों में 26 दिसंबर को भूकंप और उसके बाद आए समुद्री उफान से आर्थिक नुक़सान कितना हुआ इसका पता लगाने की कोशिश चल रही है. विश्व बैंक के अध्यक्ष जेम्स टी वोल्फ़ेन्सन ने कहा है कि उनकी संस्था ने अभी नुक़सान का बस शुरूआती आकलन लगाना शुरू किया है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जो 10 देश प्राकृतिक विपदा से प्रभावित हुए हैं उनमें कुछ देशों के आर्थिक विकास पर इसका अच्छा-ख़ासा असर पड़ सकता है. बताया जा रहा है कि श्रीलंका को देश की सालाना आर्थिक विकास के एक प्रतिशत दर का नुक़सान उठाना पड़ सकता है. समझा जाता है कि इन देशों में सरकारों को पुनर्निर्माण के लिए करों में कटौती और अधिक ख़र्च जैसे क़दम उठाने पड़ सकते हैं. हर साल दुनिया के ग़रीब देशों को लगभग 20 अरब डॉलर की सहायता राशि देनेवाली संस्था विश्व बैंक ने कहा है कि वह श्रीलंका और इंडोनेशिया समेत कई देशों की सरकारों से संपर्क कर रही है. अर्थशास्त्री ग्लेन मैग्वायर ने समाचार संस्था एएफ़पी को बताया,"इस आपदा के आर्थिक प्रभाव काफ़ी बड़े होंगे मगर ऐसा भी नहीं होगा कि वर्ष 2005 में इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बिल्कुल ही पटरी से उतर जाए". असर भारत की अर्थव्यवस्था पर इस संकट का उतना असर नहीं होगा क्योंकि जिन इलाक़ों पर प्रभाव पड़ा वो उतने विकसित इलाक़े नहीं हैं. थाईलैंड के प्रधानमंत्री थाकसिन सिनावात्रा ने कहा है कि प्रारंभिक अनुमानों से लगता है कि 50 करोड़ डॉलर से अधिक का नुक़सान हुआ है. मगर विश्लेषकों की राय है कि ये नुक़सान और अधिक होगा औस देश के पर्यटन उद्योग पर इसका सबसे अधिक असर पड़ सकता है. थाईलैंड के मछली उद्योग और निर्माण उद्योग पर भी असर पड़ सकता है. मलेशिया ने कहा है कि लगभग 1,000 मछुआरों पर संकट का प्रभाव पड़ेगा और मछली उद्योग को अच्छा-ख़ासा नुक़सान हुआ है. श्रीलंका में अनुमान लगाया जा रहा है कि देश के पर्यटन उद्योग को दुरूस्त करने में ठीक-ठाक समय लग सकता है. उल्लेखनीय है कि दक्षिण पूर्व एशिया में पर्यटन अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है विश्व यात्र और पर्यटन परिषद के अनुसार लगभग दो करोड़ लोगों को पर्यटन उद्योग से रोज़गार मिला हुआ है. |
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