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संख्या लाख को पार कर सकती है: रेडक्रॉस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सहायता एजेंसी रेडक्रॉस का अनुमान है कि रविवार को एशियाई देशों में आए समुद्री उफान में मरने वालों की तादाद एक लाख से ज़्यादा हो सकती है. एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी पीटर रीस का मानना है कि जब भारत के अंडमान और निकोबार में मृतकों की संख्या का पता चलेगा तो यह आंकड़ा बढ़ जाएगा. उफान से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र, इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर हुई तबाही की तस्वीर धीरे-धीरे साफ़ हो रही है. संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा है कि आचे प्रांत की राजधानी, बाँदा आचे का 60 प्रतिशत हिस्सा बर्बाद हो चुका है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं. समझा जा रहा है कि इंडोनेशिया में कम-से-कम 40,000 लोग मारे गए हैं जिनमें अधिकतर मौतें आचे प्रांत में हुईं. कम-से-कम 10 देशों को प्रभावित करनेवाले समुद्री उफान से मरनेवालों की संख्या 70,000 तक पहुँच गई है. राहत और बचाव दल के लोगों के दूर-दराज के इलाक़ों में पहुँचने के साथ ही मरनवालों की संख्या के बारे में नई जानकारियाँ सामने आ रही हैं. अंतिम संस्कार
उधर राहत के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास भी तेज़ हो रहे हैं और कई देशों और संस्थाओं ने प्रभावित इलाक़ों में मदद भेजी है. अमरीकी नौसेना ने प्रभावित इलाक़ों में राहत सामग्रियों के साथ अपने युद्धपोत और हवाई जहाज़ भेजे हैं. उधर इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए 10 देशों में से सबसे अधिक प्रभावित देश इंडोनेशिया के कुछ क्षेत्रों में शवों की सामूहिक अंत्येष्टि के लिए कब्रें खोदी जा रही हैं. ताज़ा आँकड़ों के अनुसार इंडोनेशिया में मरनेवालों की संख्या 40,000 तक जा पहुँची हैं जिनमें सबसे अधिक लोग सुमात्रा द्वीप पर मारे गए हैं. भारत और श्रीलंका में भी शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया जा रहा है. उधर मालदीव में शुक्रवार को होनेवाले संसदीय चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं. मरनेवालों की संख्या रविवार को इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के निकट रिक्टर स्केल पर 9.0 की तीव्रता वाले भूकंप के बाद आए समुद्री उफान के कारण मारे गए लोगों के शवों की तलाशी का काम जैसे-जैसे तेज़ हो रहा है, तबाही की तस्वीर भी और अधिक स्पष्ट होती जा ही है. हालाँकि अभी भी कुछ देशों में कई ऐसे इलाक़े हैं जहाँ कि अभी तक बचाव दल नहीं पहुँच सका है. सरकारी आँकड़ों के अनुसार इंडोनेशिया में मरनेवालों की संख्या 27,174 बताई गई है मगर देश के उपराष्ट्रपति का कहना है कि असल संख्या 40,000 तक है. श्रीलंका में मरनेवालों की संख्या 21,000 से भी अधिक बताई जा रही है. भारतीय अधिकारियों के अनुसार अंडमान निकोबार द्वीप समूह में मरनेवालों की संख्या लगभग 7,000 है. वहीं तमिलनाडु के नागपट्टनम ज़िले में मंगलवार तक लगभग 2500 लोगों के माने जाने का समाचार है और कई शवों की तलाश अभी जारी है. उधर थाईलैंड में खाओ लाक नाम के पर्यटक स्थल से लगभग 700 से भी अधिक शव मिले हैं जिनमें अधिकतर विदेशी हैं और सरकार का कहना है कि थाईलैंड में मरनेवालों की संख्या 2,000 तक जा सकती है. संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि महामारी के कारण मरनेवालों की संख्या दोगुनी तक जा सकती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ डेविड नबारो ने जिनेवा में कहा,"इस बात की पूरी आशंका है कि जितने लोग सुनामी से मारे गए उतने ही लोग संक्रामक बीमारियों के कारण भी मारे जाएँ". राहत कार्य अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों और पश्चिमी देशों ने राहत कार्य के लिए अपने प्रयास तेज़ कर दिए हैं. अमरीका ने अपनी ओर से दी जानेवाली सहायता राशि पहले की गई घोषणा से बढ़ाकर दोगुनी कर दी है और अब वह राहत के लिए साढ़े तीन करोड़ डॉलर की मदद करेगा. उसने अब्राहम लिंकन और बोनहोम रिचर्ड नाम के अपने दो युद्धपोतों को 1500 सैनिकों और मालवाहक विमानों के साथ प्रभावित क्षेत्रों की ओर रवाना कर दिया है. साथ ही अमरीका अपने 14 सैनिक विमानों को राहत सामग्रियों के साथ थाईलैंड और श्रीलंका भेज रहा है ऑस्ट्रेलिया ने सहायता के लिए ढाई करोड़ डॉलर देने का वादा किया है जिसमें से अधिकतर मदद पड़ोसी देश इंडोनेशिया के लिए होगी. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस बार राहत का काम अभूतपूर्व चुनौती से भरा है क्योंकि 10 देशों में एक साथ राहत कार्य किया जा रहा है और इन क्षेत्रों में आधारभूत ढाँचे भी नष्ट हो चुके हैं.
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