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नारियल खाकर आठ दिन बिताए समुद्र में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिंद महासागर में सूनामी लहरों के आने के बाद इंडोनेशिया का एक व्यक्ति समुद्र के बीच पेड़ों की टहनियों के सहारे बचा हुआ मिला है जो आठ दिन से समुद्र में ही था. इंडोनेशिया के इस व्यक्ति रिजाल शाहपुत्र की उम्र 23 साल है और उसने बताया कि सूनामी लहरें जब उसे बहा कर ले गईं तो उसके साथ कई और लोग थे. सारे लोग एक एक कर समुद्र में डूब गए और वो अकेला बच गया. शाहपुत्र को सोमवार को एक समुद्री जहाज़ ने बचाया. उन्होंने बताया कि जब सूनामी लहरें आईं तो वो मस्जिद में अपना काम कर रहा था. बच्चों ने उसे चेतावनी दी लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और वो कई लोगों के साथ समुद्र में बह गया. संवाददाताओं से बातचीत में रिज़ाल ने कहा "पहले तो मेरे साथ कुछ दोस्त थे लेकिन धीरे धीरे वो सभी डूब गए." रिज़ाल ने समुद्र का खारा पानी पीकर और नारियल खाकर आठ दिन गुजारे. उन्होंने बताया कि एक जहाज़ उनके पास से गुजरा पर किसी ने उन्हें नहीं देखा. रिज़ाल को बचाने वाला जहाज़ जापान का था और दक्षिण अफ्रीका से मलेशिया वापस आ रहा था. रिज़ाल को जब लाया गया तो वह काफी कमज़ोर था और उसके पैरों में चोट लगी हुई थी. इससे पहले शुक्रवार को भी आचे की एक महिला समुद्र में मिली थी. |
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