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फ़लस्तीनी संगठन युद्धविराम पर राज़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य पूर्व में दो प्रमुख़ फ़लस्तीनी चरमंपथी गुटों हमास और इस्लामिक जेहाद ने कहा है कि वे फिलहाल इसराइली ठिकानों पर हमले नहीं करेंगे और साथ ही इसराइल के साथ औपचारिक युद्धविराम पर राज़ी होने के मुद्दे पर विचार कर रहे हैं. ग़ौरतलब है कि फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास चरमपंथी गुटों को इसराइल के ख़िलाफ़ हमले रोकने पर राज़ी करने के लिए शुक्रवार को ग़ज़ा गए थे और उन्होंने यह बातचीत शनिवार को भी जारी रखी. इस बातचीत के बाद ही हमास के एक वरिष्ठ नेता महमूद ज़हर ने कहा कि उनका संगठन कुछ वक़्त तक हमले नहीं करेगा और यह देखेगा कि इसराइल की तरफ़ से इसका क्या जवाब मिलता है. इस्लामिक जेहाद ने कहा कि वह भी इसराइल के साथ एक अघोषित युद्धविराम पर अमल करेगा. हमास ने इसी सप्ताह ग़ज़ा पट्टी में यहूदी बस्तियों पर पचास से ज़्यादा मिसाइलें दागी थीं जिसके बाद युद्धविराम पर ख़तरा मंडराने लगा था और महमूद अब्बास ने फ़लस्तीनी प्रशासन के कई वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों को बर्ख़ास्त कर दिया था. उससे पहले मंगलवार को इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के बीच युद्धविराम पर समझौता हुआ था हालाँकि हमास ने कहा था कि वह इस समझौते से बंधा हुआ नहीं है. शनिवार की बातचीत शुरू होने से पहले फ़लस्तीनी मंत्री साएब इराकात ने कहा था कि इसराइल उन पचास फ़लस्तीनियों की वापसी की इजाज़त देने पर राज़ी हो गया है जिन्हें पश्चिमी तट से ग़ज़ा और यूरोप भेज दिया गया था. उन्होंने कहा कि इन लोगों की वापसी दो सप्ताह के भीतर होने की संभावना है. |
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