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प्रभावित देशों को कर्ज़ अदायगी से छूट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के सात प्रमुख औद्योगिक देशों के संगठन जी-7 ने घोषणा की है कि सूनामी से प्रभावित देशों से कर्ज़ की वसूली एक वर्ष के लिए रोकी जा रही है. शुक्रवार को इसकी घोषणा ब्रितानी वित्त मंत्री गॉर्डन ब्राउन ने की. यह घोषणा ऐसे समय हुई है जबकि 12 जनवरी को कर्ज़ देने वाले देशों के 'पेरिस क्लब' की बैठक हो रही है. यह निर्णय लिया गया है कि कर्ज़ की किस्तों की अदायगी में छूट दी गई है लेकिन कर्ज़ माफ़ नहीं किया जाएगा.
जी-7 एशियन डेवेलपमेंट बैंक से भी अनुरोध कर रहा है कि वह सूनामी से पीड़ित देशों की मदद और बढ़ाए. पत्रकारों से बातचीत करते हुए ब्राउन ने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कर्ज़ की अदायगी के दबाव में पुनर्वास का काम प्रभावित नहीं हो. जी-7 ने तत्काल प्रभाव से कर्ज़ की किस्तों की अदायगी में छूट देने का फ़ैसला किया है." ब्रिटेन का कहना है कि वह श्रीलंका का कर्ज़ पूरी तरह माफ़ करने पर भी विचार कर रहा है. सहायता जिन देशों पर सूनामी की मार पड़ी है उन पर लगभग 272 अरब डॉलर का कर्ज़ बक़ाया है जिनमें सबसे बुरी तरह प्रभावित इंडोनेशिया सबसे बड़ा कर्ज़दार है. इंडोनेशिया पर जी-7 देशों का लगभग 48 अरब डॉलर का कर्ज़ है और उसे हर वर्ष किस्त के रूप में चार अरब डॉलर अदा करने पड़ते हैं. कनाडा पहले ही कह चुका है कि वह प्रभावित देशों का कर्ज़ माफ़ कर रहा है जबकि स्विट्ज़रलैंड और कुवैत ने भी ऐसी ही घोषणा की है. एशियन डेवेलपमेंट बैंक ने भी लगभग 50 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता देने का वादा किया है, यह सहायता बेहद आसान किस्तों पर कर्ज़ के रूप में की जा रही है. |
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