BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 01 जनवरी, 2005 को 00:07 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मरने वालों की संख्या डेढ़ लाख: संयुक्त राष्ट्र
सूनामी प्रभावित
सूनामी से प्रभावित कई इलाक़ों तक सहायता पहुँचाई जा रही है
संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि हिंद महासागर में आए भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या डेढ़ लाख तक पहुँचने वाली है.

हालाँकि संयुक्त राष्ट्र के राहत समन्वयक जैन एगलैंड ने कहा है कि शायद मरने वालों की वास्तविक संख्या कभी भी मालूम न हो पाए.

उन्होंने कहा कि सबसे ज़्यादा लोग इंडोनेशिया में मारे गए हैं जहाँ 26 दिसंबर को आए भूकंप का केंद्र था.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि ज़रूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचाना समय के साथ दौड़ लगाने के बराबर है.

बैठक

कोफ़ी अन्नान ने अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल से न्यूयॉर्क में मुलाक़ात की. बैठक में दोनों नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राहत कार्य में लगे देशों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि अब ज़रूरत इस बात की है कि प्रभावित इलाक़ों तक सहायता पहुँचाने की व्यवस्था की जाए.

News image
पॉवेल और अन्नान ने मिल जुल कर काम करने की प्रतिबद्धता जताई

संयुक्त राष्ट्र राहत समन्वयक जैन एगलैंड ने कहा कि सूनामी लहरों से प्रभावित लोगों के लिए एक अरब से 1.2 अरब डॉलर की सहायता का वादा किया गया है.

शुक्रवार को अमरीकी सरकार ने सहायता राशि में क़रीब 10 गुना बढ़ोत्तरी करते हुए ऐलान किया कि अमरीका 35 करोड़ डॉलर की सहायता राशि देगा. पहले अमरीका ने तीन करोड़ 50 लाख डॉलर की सहायता राशि देने की बात कही थी.

एकाएक सहायता राशि में इतनी बढ़ोत्तरी के बारे में विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा, "यह अमरीका की उदारता की ओर इशारा करता है. लेकिन साथ ही इससे यह भी साबित होता है कि वाकई प्रभावित इलाक़ों में कितनी सहायता की ज़रूरत है."

पॉवेल ने कहा कि सिर्फ़ राहत कार्य के लिए ही सहायता की ज़रूरत नहीं, इसके बाद पुनर्निर्माण कार्यों के लिए भी उतनी ही सहायता चाहिए.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान और अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि कैसे राहत कार्यों में संयुक्त राष्ट्र और अमरीका मिल-जुल कर काम कर रहे हैं.

सहायता

दुनिया भर में स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिकों ने इस आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए भारी रक़म जुटाई है और अनेक देशों में सहायता राशि जमा करने का काम जारी है.

 जब हमारे ऊपर मुसीबत आई थी तो दुनिया भर के लोगों ने हमारी सहायता की थी, हम इस बात को नहीं भूले हैं
बेसलान के नागरिक

ब्रिटेन में ही आम नागरिकों ने छह करोड़ डॉलर से अधिक धनराशि जमा की है, बेसहारा बच्चों की तस्वीरों और उजड़े घरों को देखकर लाखों लोगों का दिल भर आया जो अपने सामर्थ्य के अनुसार सहायता कर रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय सहायता की दिल को छू लेने वाली मिसाल क़ायम की है कि रूस के बेसलान शहर के लोगों ने, यह वही बेसलान है जहाँ स्कूल की इमारत पर चरमपंथियों के कब्ज़े की घटना में तीन सौ से अधिक लोग मारे गए थे.

बेसलान के लोगों ने मिलजुलकर 40 हज़ार डॉलर की धनराशि एकत्र की है और उनका कहना है कि "जब हमारे ऊपर मुसीबत आई थी तो दुनिया भर के लोगों ने हमारी सहायता की थी, हम इस बात को नहीं भूले हैं."

ऑस्ट्रेलिया में नववर्ष के उत्सव को एक तरह से चंदा एकत्र करने के अभियान में बदल दिया गया है, सिडनी और मेलबर्न जैसे बड़े शहरों में नया साल मनाने निकले लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर सूनामी की भेंट चढ़े लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.

दुनिया भर के कई देशों से समाचार मिल रहे हैं कि नववर्ष के धूम-धड़ाके वाले अनेक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>