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धनी देशों ने मदद बढ़ाने की घोषणा की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका और जापान के बाद अब ब्रिटेन और जर्मनी ने भी सूनामी प्रभावित देशों के लिए राहत सहायता बढ़ाने का वादा किया है. जर्मनी के चांसलर गरहार्ड श्रोडर ने सूनामी प्रभावितों के लिए क़रीब 68 करोड़ डालर की मदद की घोषणा की. इससे पहले जर्मनी ने 2 करोड़ 70 लाख की मदद का वादा किया था. श्रोडर का कहना था कि यह मदद तीन से पाँच साल के बीच दी जाएगी जो पुनर्वास में काम आएगी. इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी कहा कि ब्रिटेन आने वाले हफ्तों में लाखों डालर की मदद करने को तैयार है. ब्लेयर ने कहा कि गुरूवार को जकार्ता में होने वाले सम्मेलन में ब्रिटेन भी हिस्सा लेगा. इस सम्मेलन में प्रभावित देशों का क़र्ज़ माफ़ करने और पुनर्वास जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. अभी तक सिर्फ कनाडा ने स्पष्ट किया है कि वो सूनामी प्रभावित देशों को दिए गए क़र्ज़ की वसूली नहीं करेगा. जापान ने भी संकेत दिया है कि वो भी ऐसा ही कर सकता है. ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड ने विदेशी क़र्ज़ की वसूली पर रोक लगाने के संबंध में अलग रुख़ का संकेत दिया है. इंडोनेशिया में हो रहे सम्मेलन से पहले हावर्ड ने कहा कि वो चाहेंगे कि क़र्ज़ कम कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि वो ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर बात करने के लिए तैयार हैं हावर्ड ने पश्चिमी देशों को आड़े हाथों लिया और कहा कि वो अभी मदद कर रहे हैं लेकिन बाद में क़र्ज़ के रुप में सारा धन वापस ले लेते हैं. |
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