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सोमवार, 03 जनवरी, 2005 को 03:49 GMT तक के समाचार
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मृतक एक लाख 40 हज़ार, राहत में मुश्किलें
सूनामी की तबाही के शिकार लोग
लोग राहत सामग्री के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं
हिंद महासागर में एक सप्ताह पहले आए भूकंप और उसके बाद उठी विनाशकारी सूनामी लहरों से हुई तबाही में मृतकों की संख्या एक लाख चालीस हज़ार से ऊपर पहुँच गई है.

इस तबाही ने मानवता को हिलाकर रख दिया है उसपर अब भी मुश्किल ये है कि प्रभावितों तक समुचित राहत और सहायता पहुँचाने में बहुत सी कठिनाइयाँ आ रही हैं.

इंडोनेशिया सरकार ने कहा है कि इस प्राकृतिक आपदा से वहाँ मृतक संख्या लगातार बढ़ रही है और अभी तक 94 हज़ार मौतों की पुष्टि हो गई है.

इस तरह सूनामी लहरों के कारण एशिया में मारे गए लोगों की संख्या लगभग डेढ़ लाख हो गई है.

राहत और पुनर्वास प्रयासों ने तेज़ी पकड़ी है और संयुक्त राष्ट्र ने आशा व्यक्त की है कि दुनिया इस आपदा से उठी चुनौती पर जल्दी ही पार पाने में कामयाब होगा और जीवित बचे लोगों तक समुचित सहायता पहुँच सकेगी.

इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत, थाईलैंड, मालदीव, बांग्लादेश सहित इस क्षेत्र के सभा प्रभावित देशों में क़रीब 18 लाख लोगों को मदद की सख़्त ज़रूरत है और उन्हें खाना और पानी तुरंत चाहिए.

अनुमान लगाया गया है कि इस हादसे में क़रीब पचास लाख लोग बेघर हो गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि तबाही में मारे गए लोगों की सही संख्या शायद कभी पता ना चल सके क्योंकि बहुत से लोग समुद्र की तूफ़ानी लहरों में बह गए होंगे.

श्रीलंका और भारत में अधिकारियों का कहना है कि क़रीब ग्यारह हज़ार लोगों के बारे में वह अब उम्मीद खो चुके हैं क्योंकि उनका कुछ पता नहीं चल रहा है.

उधर अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल एशिया के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने निकले हैं.

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों की वरिष्ठ अधिकारी मारग्रेटा वॉलस्टॉम का कहना है कि श्रीलंका में मृतकों की संख्या 30 हज़ार हो गई है.

वहाँ लगभग इतने ही लोग बाढ़ के कारण बेघर भी हो गए हैं.

18 लाख विस्थापित

उधर संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत प्रबंधन के अध्यक्ष जान ईग्लैंड का कहना है कि सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र - आचे तक राहत पहुँचाने में अब भी बहुत मुश्किलें आ रही हैं.

उनका कहना है कि अधिकतर मुश्किलें दूर-दराज़ के इलाक़ों में पेश आ रही हैं जहाँ सड़कें और हवाई पट्टियाँ या तो नष्ट हो गई हैं या फिर क्षतिग्रस्त हैं.

सरकार का ये भी कहना है कि मुश्किलें इसलिए भी बढ़ गई हैं क्योंकि राहत कार्यों को अंजाम देने वाले कई अधिकारी भी सूनामी की चपेट में आ गए हैं.

अमरीकी सहायता

अमरीकी हेलिकॉप्टरों ने इंडोनेशिया के आचे प्रांत के सुदूर इलाक़ों में राहत सामग्री बाँटनी शुरू कर दी है.

सूनामी लहरों और भूकंप से इस इलाक़े में जान-माल का सबसे अधिक नुक़सान हुआ है.

राहत अधिकारियों का कहना है कि बहुत सारे इलाक़े पूरी तरह से कट गए थे और वहाँ फँसे लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाना बहुत मुश्किल हो रहा था.

सूनामी की चपेट में आकर मारे गए डेढ़ लाख से अधिक लोगों में तीन-चौथाई मौतें इंडोनेशिया में हुई हैं.

लगभग एक दर्जन अमरीकी सी-हॉक हेलिकॉप्टर राहत सामग्री गिरा रहे हैं. ये हेलिकॉप्टर पश्चिमी आचे के समुद्री तट पर खड़े अमरीकी विमानवाही पोत से उड़ान भर रहे हैं.

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