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यूक्रेन चुनाव अब भी निर्विवाद नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन में विवाद राष्ट्रपति चुनाव का पीछा नहीं छोड़ रहा है. सरकारी की तरफ़ से उम्मीदवार प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच ने हार स्वीकार नहीं करते हुए मामला फिर से अदालत में ले जाने की धमकी दे दी है. ग़ौरतलब है कि इस चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार विक्टर युशचेन्को को जीत मिली है. विक्टर यानूकोविच ने कहा है, "मैं इस हार को कभी नहीं मानूँगा क्योंकि संविधान और मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है." हालाँकि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने रविवार को फिर से हुए मतदान की तारीफ़ की थी. पहले दौर का मतदान होने के बाद विक्टर यानूकोविच ने ख़ुद को जीता हुआ घोषित कर दिया था जिसके बाद मामला अदालत में पहुँचा और दोबारा मतदान कराना पड़ा. रविवार के मतदान के बाद विपक्षी उम्मीदवार विक्टर युशचेन्को को क़रीब आठ अंकों की बढ़त मिली. आधिकारिक नतीजों में युशचेन्को को 52 प्रतिशत और यानूकोविच को 44 मत मिले हैं. रविवार को हुए मतदान की निगरानी के लिए क़रीब 12 हज़ार अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक तैनात थे. युशचेन्को को पश्चिमी समर्थक माना जाता है. युशचेन्को देश में आर्थिक सुधार आगे बढ़ाना चाहते हैं. दूसरी तरफ़ यानूकोविच को रूस समर्थक माना जाता है और यूक्रेन के उद्योग जगत में उनकी ख़ासी पैठ भी मानी जाती है. एक अन्य घटना में देश के परिवहन मंत्री को राजधानी कीइव में उनके घर में मृत पाया गया है. उन्हें यानूकोविच का समर्थक कहा जाता था. अधिकारियों ने कहा है कि उनके शव के पास एक बंदूक भी बरामद की गई है. |
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