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युशचेन्को जीते, यानूकोविच चुनौती देंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन में महीनों तक चले विवाद और दोबारा हुए दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव के बाद विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को विजयी रहे हैं. लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच ने कहा है कि वे हार नहीं मानेंगे और इस नतीजे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे. रविवार को दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव दोबारा हुए थे. अधिकारियों ने युशचेन्को के जीतने की घोषणा कर दी है. अधिकारियों के अनुसार 98 प्रतिशतों वोटों की गिनती हो चुकी है और युशचेन्को आठ प्रतिशत वोटों से आगे चल रहे हैं. जीत के बाद राजधानी किएफ़ में कड़कड़ाती सर्दी के बीच डटे अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए युशचेन्को ने कहा, "यह यूक्रेन की जनता की जीत है." पिछले महीने दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव में प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच को विजयी घोषित किया गया था. लेकिन युशचेन्को ने मतदान में धाँधली की शिकायत की और अपने हज़ारों समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन कई दिनों चले विरोध प्रदर्शन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ़ दूसरे दौर के मतदान को रद्द कर दिया. उसके बाद देश की संसद ने कुछ महत्वपूर्ण चुनाव सुधार भी पारित किए. रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव की निगरानी क़रीब 12 हज़ार अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने की. यूरोपीय सुरक्षा संगठन ओएससीई ने कहा है कि चुनाव ने यह साबित किया है कि यूक्रेन ने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए महत्वपूर्ण क़दम उठाए हैं. युशचेन्को अपनी जीत के प्रति पहले से ही आशान्वित थे. उन्होंने कहा, "यूक्रेन में नए राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई है. देश में नए लोकतंत्र की शुरुआत हुई है." जीत के बावजूद युशचेन्को को राष्ट्रपति पद संभालने में कुछ और समय लग सकता है. क्योंकि यानूकोविच समर्थकों ने मतदान में गड़बड़ी की शिकायत की है और उसकी जाँच में कुछ समय लग सकता है. युशचेन्को ने इतने दिनों तक राजधानी किएफ़ में डटे अपने समर्थकों का धन्यवाद किया और कहा कि वे उस समय तक मौजूद रहें जब तक वे आधिकारिक रूप से पद नहीं संभाल लेते. |
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