BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 04 दिसंबर, 2004 को 07:22 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
सांसदों ने चुनाव विधेयक खारिज किया
प्रदर्शनकारी
अब सबको दूसरे दौर के चुनावों का इंतज़ार रहेगा.
यूक्रेन की संसद में चुनाव नियमों में बदलाव संबंधी विधेयक पर सहमति नहीं बन सकी है.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा दूसरे चरण के चुनाव दोबारा कराने के फैसले के बाद विपक्ष मांग कर रहा है कि नियमों में बदलाव किए जाएं ताकि दोबारा किसी प्रकार की धांधली न हो सके.

इस मुद्दे पर संसद की आपात बैठक बुलाई गई थी लेकिन बैठक बिना किसी सहमति के समाप्त हो गई. बैठक को दस दिन के लिए स्थगित भी कर दिया गया है.

ख़बरों के अनुसार कई विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद थे. राष्ट्रपति के अधिकार कम करने को लेकर कई विधेयक पेश किए गए लेकिन सहमति नहीं बन सकी.

निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिड कुचमा ने कहा है कि विपक्ष पूर्व में किए गए अपने वादों को नहीं मान रहा है. उन्होंने कहा " विपक्ष के साथ यूरोपीय सांसदों की मौजूदगी में जो भी सहमति हुई थी, उसे वो नहीं मान रहे हैं. "

उन्होंने सोमवार को एक बैठक भी बुलाई है.

इससे पहले प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच ने दोबारा होने वाले दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव में लड़ने की बात कही थी.

यानूकोविच ने हालाँकि एक बयान में कहा कि दूसरे दौर के चुनाव को रद्द करने का सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला असंवैधानिक है.

युस्चेनको और यानुकोविच
दोनों के बीच है मुकाबला

यूक्रेन के चुनाव आयोग ने कहा है कि दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव 26 दिसंबर को कराए जाएँगे.

दूसरी ओर विपक्षी उम्मीदवार युस्चेनको ने मांग की है कि यानूकोविच के मंत्रिमंडल को बर्खास्त किया जाए.

पिछले महीने हुए दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव में बड़े पैमाने पर धाँधली की शिकायत मिली थी. जिसके बाद से ही वहाँ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे.

चुनाव के बाद प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच को विजयी घोषित किया गया था. लेकिन विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को ने धाँधली की शिकायत सुप्रीम कोर्ट में की.

कई दिनों की जाँच पड़ताल के बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे दौर के चुनाव को रद्द कर दिया था.

उधर देश के पूर्वोत्तर शहर खार्किफ़ में कई अधिकारियों ने दक्षिण-पूर्वी हिस्से के लिए ज़्यादा स्वायत्तता के बारे में विचार-विमर्श किया.

ये इलाक़ा यानूकोविच का गढ़ माना जाता है. लेकिन स्वायत्तता पर बातचीत के दौरान हज़ारों युशचेन्को समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया.

सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आने के बाद विपक्षी नेता युशचेन्को ने कहा कि इससे साबित होता है कि यूक्रेन सही मायने में एक लोकतांत्रिक देश है.

लेकिन यानूकोविच के सहयोगियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने 'राजनीतिक भूमिका' निभाई है.

धाँधली

यूक्रेन में दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव 21 नवंबर को हुए थे. लेकिन पश्चिमी पर्यवेक्षकों ने मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर धाँधली की शिकायत की.

जब फ़ैसला विक्टर यानूकोविच के पक्ष में आया, तो विपक्षी समर्थक अपने नेता युशचेन्को के नेतृत्व में सड़कों पर उतर आए.

 दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की कार्रवाई और उसके फ़ैसले ग़ैर क़ानूनी थे
सुप्रीम कोर्ट के जज

रूस के समर्थक माने जाने वाले निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने राष्ट्रपति चुनाव नए सिरे से कराने की पैरवी की लेकिन विपक्ष सिर्फ़ दूसरे दौर का चुनाव दोबारा कराना चाहता था.

इस बीच देश की संसद ने प्रधानमंत्री यानूकोविच के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव भी पारित किया लेकिन यानूकोविच ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया और फिर गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में आ गया.

पाँच दिनों तक चली जाँच-पड़ताल और गहन विचार-विमर्श के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 21 नवंबर को हुए दूसरे दौर के चुनाव में कई गड़बड़ियाँ हुईं और चुनाव आयोग इनकी जाँच करने में नाकाम रहा.

जज एंटनी यारेमा ने कहा, "दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की कार्रवाई और उसके फ़ैसले ग़ैर क़ानूनी थे."

और अब सबको दूसरे दौर के चुनावों का इंतज़ार है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>