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यूक्रेन में सरकार और विपक्ष के बीच समझौता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ख़बर है कि यूक्रेन में राजनीतिक संकट को ख़त्म करने के लिए सरकार और विपक्ष के सांसदों के बीच 'समझौता' हो गया है. दोनो पक्षों का कहना है कि मंगलवार को संसद का सत्र दोबारा होगा जिसमें चुनाव संबंधित क़ानून में संशोधन किए जाएँगे. ये माँग विपक्ष ने की थी और अब वह राष्ट्रपति पद के लिए दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी में है. समझौता के बारे में विस्तृत ख़बर आ रही है लेकिन जानकारी मिली है कि संविधान में संशोधन होंगे, सरकार को बर्ख़ास्त किया जाएगा और चुनाव आयोग में भी फेरबदल होंगे. इस समझौते की ख़बर उस समय आई है जब विदेशी मध्यथ कीव में अगले दौर की बातचीत कर रहे हैं. यूक्रेन के वर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने शर्त लगाई थी कि वे विपक्ष की माँग स्वीकार करने के लिए तैयार हैं लेकिन पहले संविधान में संशोधन कर राष्ट्रपति की भूमिका को घटाया जाए. पिछले महीने राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों में विपक्ष ने बड़े पैमाने पर धाँधली की शिकायत की थी और लगातार कई दिन विरोध प्रदर्शन किए थे. चुनाव के बाद प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच को विजयी घोषित किया गया था. लेकिन विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को धाँधली के आरोप लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए थे. कई दिनों की जाँच पड़ताल के बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे दौर के चुनाव को रद्द कर दिया था. |
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