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फ़लूजा में कुछ दिन का संघर्ष और | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी नेतृत्व वाली सेना का कहना है कि इराक़ी शहर फ़लूजा में बचे हुए विद्रोहियों को ख़त्म करने के लिए लड़ाई कुछ दिन और चलने की संभावना है. सेना का कहना है कि सबसे अनुभवी और प्रशिक्षित विद्रोही लड़ाके शहर के दक्षिणी हिस्से में चले गए हैं और वे वहाँ सेना को चुनौती दे सकते हैं. सेना का कहना है कि उन्होंने फ़लूजा में बड़ी मात्रा में बम और बंदूक बरामद किया है. इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री इयाद अलावी ने कहा है कि चार सौ संदिग्ध चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया गया है. उधर अमरीकी सेना का दावा है कि उन्होंने 1200 चरमपंथियों को मारा है. इस कार्रवाई में 38 अमरीकी सैनिक और छह इराक़ी सैनिक मारे गए हैं. हालांकि अमरीकी सेना का दावा है कि उन्होंने शहर पर कब्ज़ा कर लिया है लेकिन अमरीकी और इराक़ी सेना के शहर पर नियंत्रण को लेकर अलग-अलग तरह की ख़बरें मिल रही हैं. उधर एक सहायता एजेंसी ने शहर में जाने से रोकने के लिए अमरीकी सेना की निंदा की है. इराक़ में काम कर रही एजेंसी रेड क्रिसेंट ने कहा है कि उन्हें डर है कि शहर में कई जगहों पर लोग फँसे हो सकते हैं जिनको खाने और दवाइयों की ज़रुरत हो सकती है. लेकिन सेना का कहना है कि शहर सहायता कर्मियों के लिए सुरक्षित नहीं है. |
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