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लड़ाई फ़लूजा के बीच में पहुँची | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के सुन्नी बहुल शहर फ़लूजा में अमरीकी सेना के भारी हमले दूसरे दिन भी जारी हैं और सैनिकों ने मेयर के दफ़्तर और एक थाने पर क़ब्ज़ा कर लिया है. उधर अमरीकी कमांडरों का कहना है कि वे यह देखकर चकित हैं कि उन्हें कितनी जल्दी कामयाबी मिल रही है. उनका कहना है कि उन्होंने लड़ाई के लिए जो योजना बनाई थी वे उससे काफ़ी आगे चल रहे हैं. हालाँकि वह योजना गुप्त रखी गई थी लेकिन कमांडरों का कहना है कि उन्होंने फ़लूजा के बाहरी इलाक़ों में ज़्यादा प्रतिरोध की उम्मीद की थी, और आख़िर में तो बहुत भारी मुक़ाबले की अपेक्षा की जा रही थी. अमरीकी कमांडरों ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि उनके सैनिकों ने फ़लूजा के दो तिहाई हिस्से पर क़ब्ज़ा कर लिया है. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी यह कहना मुश्किल है कि क्या इन इलाक़ों पर सचमुच अमरीकी सैनिकों का क़ब्ज़ा हो गया और शहर के मध्यवर्ती इलाक़ों में भारी लड़ाई हो रही है. इससे पहले फ़लूजा पर हमला करने वाली अमरीकी सैन्य टुकड़ी के प्रमुख कमांडर ने चेतावनी दी है कि फ़लूजा में जारी लड़ाई और ख़तरनाक रुप ले सकती है. लेफ्टिनेंट जनरल थॉमस मेट्ज ने कहा है कि फ़लूजा पर पूरा नियंत्रण स्थापित करने में काफी समय लग सकता है और कई दिन गंभीर लड़ाई चल सकती है. अमरीकी सेना का कहना है कि दस अमरीकी और दो इराक़ी सैनिकों की मौत हुई हैं लेकिन विद्रोहियों और आम लोगों की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं है. राहत कार्यों में लगे संगठनों ने आम नागरिकों की स्थिति के बारे में चिंता जताई हैं. रेडक्रॉस ने कहा है कि लड़ाई में शामिल सभी पक्ष पूरी कोशिश करें कि ज़ख़्मियों तक चिकित्सा सहायता समय पर पहुँच सके.
अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि आम लोगों की मौत की संख्या कम ही है लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस लड़ाई में विमानों, टैंकों और तोपों का इस्तेमाल किया गया है और शहर में मौजूद लोगों का कहना है कि आम लोग बड़ी संख्या में हताहत हुए हैं. अमरीकी कमांडरों का कहना है कि उन्हें अब भी सबसे ज़्यादा वांछित आदमी - अबू मुसाब अल ज़रक़ावी की तलाश है लेकिन हो सकता है कि वह कुछ और चरमपंथियों के साथ शहर से भाग गए हों. दूसरी तरफ़ चरमपंथियों ने पिछले 24 घंटों में मोसूल और रमादी में हमले किए हैं. अमरीकी सैनिकों के साथ मौजूद बीबीसी संवाददाता पॉल वुड का कहना है कि मरीन सैनिकों ने शहर का केंद्रीय परिसर बिना किसी प्रतिरोध के क़ब्ज़े में ले लिया लेकिन उसके बाद पास की एक मस्जिद से गोलीबारी शुरू हो गई. संवाददाता का कहना है कि इस लड़ाई में एक समय विद्रोहियों ने सफ़ेद झंडा लहराया लेकिन जब मरीन सैनिकों ने आत्मसमर्पण को स्वीकार करने की तैयारी शुरू की तो उन पर तीन तरफ़ से गोलीबारी हुई. उसके बाद मरीन सैनिकों ने हवाई सहायता की माँग की. अपहरण इस बीच ख़बर है कि अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी के कुछ निकट संबंधियों का बग़दाद से अपहरण कर लिया गया है. ख़बरों में कहा गया है कि अलावी के चचेरे भाई और उनकी पत्नी को कुछ बंदूकधारियों ने बग़दाद में उनके घर से अगवा कर लिया. साथ में कुछ और रिश्तेदारों को भी अगवा किया गया है. ख़बर है कि उत्तरी शहर किरकुक में एक सड़क पर हुए बम धमाके में इराक़ी नेशनल गार्ड के छह जवान मारे गए. बग़दाद के उत्तरी इलाक़े में भी एक बम धमाका हुआ जिसमें एक अमरीकी सैनिक की मौत हो गई और एक घायल हो गया. गुरिल्ला संघर्ष मंगलवार को अमरीकी सेना ने फ़लूजा शहर पर टैकों, तोपों और विमानों से हमला शुरु किया. अमरीकी सैनिक शहर के भीतर चरमपंथियों के साथ भिड़ रहे हैं.
अमरीकी टैक कमांडर का कहना है कि चरमपंथियो को देखते ही गोली मार दी जा रही हैं. इराक़ में बहुराष्ट्रीय सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मेट्ज का कहना है कि सैनिकों ने जो लक्ष्य तय किए थे वो तेज़ी से पूरे हो रहे हैं लेकिन अभी काफी समय लग सकता हैं. मेट्ज ने पेंटागन से वीडियोफोन के जरिए संवाददाताओं को बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार चरमपंथी नेता अबू मूसब अल ज़रकावी फ़लूजा पर हमला शुरु होने से पहले ही शहर छोड़कर भाग गए हैं. उधर राष्ट्रपति बुश ने सैनिकों की तारीफ की और कहा, " हमारी प्रार्थनाएं सैनिकों के साथ हैं. आज़ाद इराक़ की स्थापना के लिए वो कठिन कार्य कर रहे हैं. " इन सबके बीच इराक़ की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी फ़लूजा पर हमले के विरोध में अंतरिम सरकार से बाहर हो गई है. सुन्नी धार्मिक गुरुओ ने भी हमले की कड़ी निंदा की है. आम नागरिक संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी और अंतरराष्ट्रीय रेड क्रास समिति ने फ़लूजा में आम लोगों की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई हैं. शहर के ढाई लाख से अधिक नागरिक शहर छोड़ चुके हैं लेकिन क़रीबन पचास हज़ार लोग अभी भी शहर में हैं. बीबीसी के पाल वुड का कहना है कि अमरीकी सेनाएं नागरिकों को बचा कर चरमपंथियों को मारने की कोशिश कर रही है लेकिन इसके बावजूद नागरिक मर रहे हैं. ( पाल वुड अमरीकी सेनाओं के साथ हैं और उनकी रिपोर्ट सैनिक नियंत्रण में आ रही है. ) बीबीसी के अरबी संवाददाता फदील बदरानी का कहना है कि फ़लूजा में अंधेरा छाया हुआ है और तोपों की मार से पूरा शहर छलनी हो गया है. शहर में पानी बिजली की सुविधाएं ठप हो चुकी हैं. |
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