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फ़लूजा के आम नागरिकों के बारे में चिंता बढ़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के शहर फ़लूजा पर अमरीकी और इराक़ी सैनिकों के जारी हमले के कारण वहाँ फंसे आम नागरिकों के बारे में चिंता बढ़ गई है. अंतरराष्ट्रीय राहत संस्थाओं का कहना है कई दिनों की लड़ाई के बाद फ़लूजा में पीने का पानी और बिजली नहीं है और खाद्य पदार्थों की भी भारी कमी हो गई है. अमरीकी सैनिकों के साथ मौजूद संवाददाताओं के अनुसार शहर के केंद्र और उत्तर-पूर्वी इलाक़े में चरमपंथी अब भी सक्रिय हैं. राहत संस्थाओं रेडक्रिसेंट और रेडक्रॉस का कहना है कि फ़लूजा में हस्पताल और चिकित्सा केंद्र भी बंद पड़े हैं.
इराक़े में रेडक्रिसेंट के अध्यक्ष फ़र्दौस अल-उबैदी का कहना है कि इराक़ी सरकार ने उनकी आम नागरिकों को खाद्य पदार्थ आदि भेजने की पेशकश को ठुकरा दिया है. रेडक्रॉस के एक राहतकर्मी अहमद अल-रावी का कहना है कि फ़लूजा में कहीं भी आना-जाना असंभव है. उनके अनुसार कई घायल लोग इसलिए मारे गए क्योंकि जब तक मदद पहुँचती उससे पहले ही उनकी खून बहने के कारण मृत्यु हो गई. अमरीकी सेना के एक कमांडर का कहना था कि फ़लूजा में विद्रोहियों की कमर टूट चुकी है लेकिन लड़ाई अब भी जारी है. |
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