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फ़लूजा में ख़तरनाक लड़ाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीकी सैनिकों ने फ़लूजा शहर के अधिकांश हिस्सों पर क़ब्ज़ा कर लिया है. अमरीकी सैनिकों ने शहर के मेयर के कार्यालय समेत अधिकांश सरकारी और सार्वजनिक भवनों को अपने नियंत्रण में ले लिया है. हालाँकि बीबीसी संवाददाता पॉल वुड्स ने फ़लूजा के मेयर के कार्यालय परिसर से भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शहर के केंद्र में अमरीकी सैनिकों और चरमपंथियों के बीच गोलीबारी अब भी जारी है. अमरीकी सैनिकों ने फ़लूजा के 70 प्रतिशत हिस्से पर अपने नियंत्रण की बात की है. उनके अनुसार बुधवार को सैंकड़ो चरमपंथी मारे गए हैं. कम से कम एक मरीन सैनिक के भी मरने की ख़बर है. अमरीकी मरीन अधिकारी मेजर फ़्रांसिस पिकोली ने कहा है कि चरमपंथी शहर के मुख्य सड़क से जुड़ी एक पट्टी तक सिमट कर रह गए हैं. राहत संगठनों ने फ़लूजा में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. शहर खंडहर में बदला बीबीसी संवाददाता के अनुसार बुधवार को फ़लूजा की सड़कें वीरान लग रही थीं. शहर के अलग-अलग हिस्सों में जलती इमारतों से काला धुआँ निकल रहा है.
फ़लूजा से बीबीसी अरबी सेवा के लिए ख़बरें भेजने वाले पत्रकार फ़धिल बदरानी ने शहर की तुलना काबुल से की है जो बरसों की लड़ाई के कारण खंडहरों में तब्दील हो गया था. इस बीच फ़लूजा में सैनिक अभियान से जुड़े मुख्य सैनिक प्रवक्ता मेजर जनरल अब्दुल क़ादिर मोहन ने संवाददाताओं को बताया कि सैनिकों को उन मकानों का पता लगा है जहाँ बंधकों को रखा और मारा जाता था. उधर इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी के कुछ निकट संबंधियों का बग़दाद से अपहरण कर लिया गया है. ख़बरों के अनुसार अलावी के चचेरे भाई और दो अन्य संबंधियों को कुछ बंदूकधारियों ने बग़दाद में उनके घर से अगवा कर लिया. |
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