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सोमवार, 13 सितंबर, 2004 को 10:28 GMT तक के समाचार
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धमाके पर उत्तर कोरिया का स्पष्टीकरण
उत्तर कोरियाई सैनिक
उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण की अटकलों को ख़ारिज करते हुए उस विस्फोट के बारे में स्पष्टीकरण दिया है जिसकी वजह से ये अटकलें शुरू हुईं.

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री का कहना है कि जिस विस्फोट को लेकर ये अटकलें लगाई जा रही हैं वह पनबिजली परियोजना के तहत एक पहाड़ को ध्वस्त करने के लिए किया गया था.

उत्तर कोरिया की यात्रा पर गए ब्रितानी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी की माँग पर उन्हें ये जानकारी दी गई है.

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री पाएक नाम सुन ने कहा कि ये न तो कोई परमाणु परीक्षण था और न ही कोई दुर्घटना. उनके अनुसार ये नियंत्रित रूप से किया गया एक विस्फोट था पनबिजली परियोजना के लिए.

ब्रितानी विदेश मंत्रालय के अधिकारी बिल रामेल ने कहा कि ये बयान विश्वसनीय है मगर उन्होंने माँग की कि ब्रितानी राजनयिक को घटनास्थल पर जाने की अनुमति दी जाए.

उत्तर कोरिया ने विश्वास दिलाया है कि वह इस पर विचार करेगा.

अमरीका और दक्षिण कोरिया

इससे पहले अमरीका और दक्षिण कोरिया ने भी परमाणु परीक्षणों की अटकलें ख़ारिज कर दी थीं.

अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने अमरीकी टेलिविज़न पर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण किया है.

दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति के कार्यालय ने भी समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि उनके पास जो सूचना है उसके अनुसार उत्तर कोरिया ने कोई परमाणु परीक्षण नहीं किया है.

दक्षिण कोरिया की मीडिया में आई कुछ ख़बरों के अनुसार विस्फोट की जगह से धुआँ उठा और अंतरिक्ष से वहाँ एक गड्ढा भी देखा जा सकता है.

चीन की सीमा से लगे यांगगांग प्रांत में हुआ ये विस्फोट पिछले गुरुवार को हुआ था, उत्तर कोरिया इस दिन को 'नेशनल डे' के तौर पर मनाता है.

उत्तर कोरिया से ख़बरें काफ़ी समय में और सीमित रूप से ही बाहर आती हैं और इसकी ख़बर भी देर से ही मिली.

संभावनाएँ

ख़बरों के अनुसार वो इलाक़ा पहाड़ी है और वहाँ सैनिक ठिकाना भी है. वहाँ से राजधानी प्योंगयांग की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है यानी आसानी से वहाँ की ख़बर नहीं मिलती है, मगर वह इलाक़ा चीन की सीमा पर है.

उत्तर कोरिया में विरोध प्रदर्शन
उत्तर कोरिया में अमरीका विरोधी भावनाएँ काफ़ी ज़ोरों पर हैं

उत्तर कोरिया से बीबीसी के जेम्स रॉबिन्स का कहना है कि अगर उत्तर कोरिया इस समय कोई परमाणु परीक्षण करता है तो इससे परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहा मौजूदा तनाव और गंभीर मोड़ ले सकता है.

वैसे रॉबिन्स के अनुसार कूटनीतिज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अगर परमाणु परीक्षण करना चाहता तो वह शायद यही जगह चुनता.

इसके अलावा जिस समय इस विस्फोट की ख़बर आईं उससे लोगों में चिंता हुई.

उत्तर कोरिया पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है कि वह सारा परमाणु कार्यक्रम समाप्त करे और निशस्त्रीकरण करे.

जब से अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने उत्तर कोरिया को 'दुष्टता की धुरी' करार दिया था तब से उत्तर कोरिया में अमरीका विरोधी भावनाएँ काफ़ी ज़ोर पर हैं.

उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अटकलें लगती रही हैं कि वह शायद अमरीका और दुनिया को ये बताने के लिए परीक्षण कर सकता है कि अब वह भी उस छोटे से समूह का सदस्य है जिसके पास परमाणु क्षमता है.

इसके अलावा वह कहता रहा अगर कोई उत्तर कोरिया पर हमले के बारे में सोचता है तो उसके पास परमाणु हथियार होने से हमला टल सकता है.

इसके अलावा उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग इल पहले कह भी चुके हैं कि अगर इराक़ के पास परमाणु हथियार होते तो अमरीका उस पर हमला नहीं करता.

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