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परमाणु हथियारों की होड़ की चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया ने कहा है कि इस बात के खुल जाने के बाद कि चार साल पहले दक्षिण कोरिया परमाणु कार्यक्रम के लिए संवर्धित युरेनियम तैयार कर रहा था, परमाणु हथियारों की होड़ को रोकना मुश्किल होगा. दक्षिण कोरिया की स्वीकारोक्ति के बाद यह उत्तर कोरिया की पहली प्रतिक्रिया है. उत्तर कोरिया के एक अधिकारी ने दक्षिण कोरिया के इस प्रयोग को ख़तरनाक बताया है. ये बात पिछले हफ़्ते खुली थी कि दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने चार साल पहले गुप्त रूप से यूरेनियम संवर्धन का परीक्षण किया था. संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरियाई मिशन के उपप्रमुख ने एक समाचार एजेंसी से कहा है कि अमरीका ने इस मामले पर जैसी प्रतिक्रिया दी उससे साफ़ है कि वो दोहरे मानदंड अपना रहा है. इस बयान के बाद ये चिंता बढ़ना स्वाभाविक है कि दक्षिण कोरिया के इस परीक्षण की ख़बर को उत्तर कोरिया अपने फ़ायदे में इस्तेमाल करने की कोशिश करेगा. दक्षिण कोरिया और अमरीका उत्तर कोरिया को इस बात के लिए मनाने की कोशिशें करते रहे हैं कि वो अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दे, जो काफ़ी आगे बढ़ चुका है. अब दक्षिण कोरिया के अधिकारी इस परीक्षण को मामूली साबित करने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन सरकार इतना मान रही है कि उसे पहले ही ये बात आम कर देनी चाहिए थी कि इस परीक्षण में कितना यूरेनियम तैयार हुआ. और अब सवाल इस बात पर भी उठ रहे हैं कि वो यूरेनियम कितना संवर्धित था, उससे हथियार बन सकते थे या नहीं. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने जाँच शुरू कर दी है और लगता है कि जल्दी ही उसकी एक शुरुआती रिपोर्ट सामने आ जाएगी. मगर इतना साफ़ है कि इससे उत्तर कोरिया पर दबाव डाल रहे देश ख़ुद दबाव में आ गए हैं और उत्तर कोरिया को मौक़ा मिल गया है अपना हथियार कार्यक्रम बंद करने की बातचीत कुछ और समय के लिए टालने का. अमरीका ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि दक्षिण कोरिया को ऐसा नहीं करना चाहिए था लेकिन अच्छा है कि अब वह पारदर्शिता दिखा रहा है. |
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