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उत्तर कोरिया की परीक्षण की धमकी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया ने धमकी दी है कि सहायता की माँग पूरी नहीं किए जाने पर वह परमाणु परीक्षण की हद तक जा सकता है. ख़बरों के अनुसार ताज़ा धमकी छह देशों की बैठक के दौरान गुरूवार को बीजिंग में सामने आई. उत्तर कोरिया परमाणु मामले पर दोनों कोरियाई देश, अमरीका, रूस, जापान और चीन बैठकें कर रहे हैं. अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरिया ने परमाणु बम के परीक्षण की धमकी मुख्य वार्ता के ही दौरान हो रही द्विपक्षीय बातचीत के दौरान दी थी. ये एक तरह से दोनों पक्षों के बीच की खाई को ही दिखा रहा है मगर कुछ पक्ष इसे कम करके आँक रहे हैं. दक्षिण कोरिया से आ रही ख़बरों के अनुसार ये एक सीधी धमकी नहीं थी लेकिन ये उत्तर कोरिया के कट्टरपंथियों की ओर से चेतावनी है कि अगर बातचीत विफल हुई तो कार्रवाई की जाएगी. नीति में नरमी अमरीका का कहना है कि वह आर्थिक सहायता और सुरक्षा गारंटी के बारे में अब भी उत्तर कोरिया से सोची-विचारी और गंभीर प्रतिक्रिया की अपेक्षा कर रहा है. एक साल तक रुक-रुक कर हुई बातचीत के बाद अमरीका ने रणनीति काफ़ी हद तक बदली है. अमरीका पहले तक कहता रहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएँ पूरी करने के लिए वह उत्तर कोरिया को कोई पुरस्कार नहीं देगा मगर दक्षिण कोरिया और चीन ने ख़ास तौर पर अमरीका को ये रुख़ बदलने के लिए राज़ी किया. अमरीका का प्रस्ताव एक तरह से उत्तर कोरिया की मंशा जाँचने का है कि वह बातचीत के लिए कितना गंभीर है और साथ ही ये दिखाने का भी है कि अमरीका लचीला रुख़ अपनाने के लिए तैयार है. उत्तर कोरिया ने ये कहा है कि प्लूटोनियम उत्पादन संयंत्र को बंद करने के बदले में वह बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति चाहता है. |
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