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उत्तर कोरिया को लेकर अलग अलग दावे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही छह देशों की बैठक गंभीर मतभेदों के साथ ही ख़त्म हो गई है. चीन के विदेश मंत्री ली ज़ाओज़िंग ने कहा है कि मुद्दे पर गंभीर मतभेद बने हुए हैं लेकिन इस बात को लेकर सहमति हुई है कि सभी देश मिलकर एक कार्यसमिति बनाएँगे और बातचीत का दौर जारी रहेगा. लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर ने ख़बर दी है कि अमरीका का कहना है कि बातचीत बेहद सफल रही है. अभी आगे बातचीत की तारीख़ों की घोषणा नहीं की गई है. उल्लेखनीय है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उसके पड़ोसी देशों और अमरीका को गंभीर आपत्तियाँ हैं. वे सभी उत्तर कोरिया से परमाणु कार्यक्रम बंद करने की माँग कर रहे हैं लेकिन उत्तर कोरिया इसके लिए कई शर्तें रख रहा है. देरी चार दिन से चल रही यह बैठक अपने तय समय से कुछ देर से ख़त्म हुई. ख़बर थी कि अंतिम समय में उत्तर कोरिया ने संयुक्त बयान में कुछ सुधार करने की माँग रख दी थी. बीजिंग में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चार दिन की इस बैठक में किसी तरह के हल के कोई संकेत नहीं मिले हैं. ख़बर है कि अमरीका बैठक के बीच लगातार कहता रहा कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं दे रहा है और इसी से बैठक में अवरोध पैदा हुआ. अमरीका चाहता था कि सुरक्षा और सहायता के बदले उत्तर कोरिया अपने सारे परमाणु ठिकानों को नष्ट करने का आश्वासन भी दे. लेकिन उत्तर कोरिया का कहना है कि अमरीका अभी भी उत्तर कोरिया का विरोधी है. चीन की राजधानी में हो रही इस बैठक में अमरीका, उत्तर कोरिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और रुस ने हिस्सा लिया. |
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