|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया बातचीत को तैयार
चीन ने कहा है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रमों के बारे में बातचीत के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार हो गया है. दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की प्योंगयांग में हुई एक बैठक के दौरान ये फ़ैसला किया गया. दक्षिण कोरिया में मौजूद बीबीसी संवाददाता चार्ल्स स्कैनलन के अनुसार इस ख़बर ने एक बार फिर दिखा दिया है कि परमाणु कार्यक्रमों पर बातचीत के लिए उत्तर कोरिया को राज़ी करने में चीन ने प्रमुख भूमिका निभाई है. ग़ौरतलब है कि इस साल अगस्त में विफल रही एक बैठक के बाद उत्तर-कोरिया ने पड़ोसी देशों या अमरीका से बातचीत के लिए किसी और बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया था. चीनी संसद के अध्यक्ष वू बैंग वो ने उत्तर कोरिया को बार-बार समझाने की कोशिश की है कि परमाणु कार्यक्रमों पर लंबे समय से चल रहे विवाद को बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है. उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह बातचीत के लिए हमेशा से तैयार रहा है बशर्ते उसका कोई हल निकले. उत्तर कोरिया ने ये बात आर्थिक सहायता और कूटनीतिक पहचान के संदर्भ में कही है. अमरीकी आश्वासन अमरीका पहले ही उत्तर कोरिया को सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने के मामले में सैद्धांतिक रूप से सहमति दे चुका है लेकिन उसकी शर्त ये है कि उत्तर कोरिया परमाणु कार्यक्रम बंद कर दे. उत्तर कोरिया के मामले में अमरीकी रूख की मौजूदा नरमी के पीछे चीन और दक्षिण कोरिया की महत्वपूर्ण पहल है. उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में उत्तर कोरिया ने इस बात का दावा किया था कि उसके पास पर्याप्त मात्रा में प्लूटोनियम नामक पदार्थ है जिससे कई परमाणु बम बनाए जा सकते हैं. दरअसल परमाणु पदार्थों को लेकर उत्तर कोरिया अक्तूबर में ख़बरों में आ गया था. उस समय अमरीकी अधिकारियों के हवाले से ख़बर आई थी कि कोरिया ने अपने गुप्त परमाणु कार्यक्रम की स्वीकृति दी है और वो कार्यक्रम 1994 के समझौते की अवमानना करता है. साथ ही उत्तर कोरिया ने ज़रूरत पड़ने पर अपनी परमाणु क्षमता दिखाने की धमकी भी दी थी. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||