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एपेक में उत्तर कोरिया का मसला छाया
दक्षिण कोरिया और अमरीका ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर फिर से बातचीत शुरू करने का आहवान किया है. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति रोह मू-ह्युन ने एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग सम्मेलन एपेक की मुख्य बैठक के साथ ही ये आहवान किया. मगर इसी बीच उत्तर कोरिया ने आज सुबह ही मध्यम दूरी की एक मिसाइल का परीक्षण किया है. उत्तर कोरिया ने मिसाइल का परीक्षण काफ़ी अहम मौक़े पर किया है क्योंकि अमरीका और उसके सहयोगी उत्तर कोरिया के साथ किसी समझौते पर पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं. छह देशों की यात्रा पर निकले अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने इस दौरान आतंकवाद के विरुद्ध ख़ासा कड़ा रुख़ अख़्तियार किया है. इसके अलावा दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति रोह मू-ह्युन से सोमवार को हुई बातचीत में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई है. इस बारे में बुश ने कहा, "हम उत्तर कोरिया की समस्या शांतिपूर्ण तरीके से हल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं." इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के विरुद्ध कोई सैनिक कार्रवाई नहीं करने की औपचारिक संधि करने से तो इनकार कर दिया था. मगर ये ज़रूर कहा था कि वह किसी और तरीक़े से सुरक्षा का लिखित आश्वासन दे सकता है जबकि उत्तर कोरिया संधि की माँग कर रहा है. विवाद दक्षिण कोरिया और जापान की सरकारों के अनुसार उत्तर कोरिया के पूर्वी तट से एक मध्यम दूरी की मिसाइल का परीक्षण किया गया. जापान के रक्षा अधिकारियों के अनुसार इससे पड़ोसी देशों को किसी तरह का ख़तरा तो नहीं है और उत्तर कोरिया ने कोरियाई और जापानी प्रायद्वीप के बीच समुद्र में उसका परीक्षण किया है. बैंकॉक स्थित बीबीसी संवाददाता क्रिस हॉग का कहना है कि सुरक्षा जैसे मसले पर अमरीका के इतने ज़ोर देने से एपेक के कुछ सदस्य नाराज़ हैं. उनका मानना है कि संगठन को आर्थिक उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए मुक्त व्यापार को आगे बढ़ाने के बारे में सोचना चाहिए.
इन देशों के नेताओं का मानना है कि पिछले महीने कैनकुन में विफल हो गई व्यापार वार्ताओं को आगे बढ़ाने के बारे में सोचा जाना चाहिए. मगर अमरीका लगातार ज़ोर दे रहा है कि आतंकवाद का मसला क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है. इस बारे में अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल का कहना था, "हर देश, हर अर्थव्यवस्था, हर व्यापार,हर नेता और हममें से हर कोई आतंकवादी गतिविधियों का निशाना है." ऐसी भी संभावना है कि एपेक देश सार्स बीमारी के प्रति कोई एकजुट रास्ता निकालने की कोशिश भी करेंगे. इस बीच अमरीकी विदेश मंत्री ने उत्तर कोरिया से परमाणु हथियार कार्यक्रम रोक देने के लिए कहा है हालाँकि उसने ये भी आश्वस्त करने की कोशिश की है कि अमरीका उत्तर कोरिया पर हमला करने नहीं जा रहा है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के अलावा राष्ट्रपति बुश ने इस बारे में चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ और जापान के प्रधानमंत्री जुनीचिरो कोईज़ूमी से भी बात की है. |
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