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अमरीकी पहल पर उत्तर कोरिया नरम
उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के सुरक्षा गारंटी के प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार है. परमाणु कार्यक्रम को लेकर उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है. हाल ही में अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग सम्मेलन की बैठक में लिखित रूप से यह आश्वासन देने की पेशकश की थी कि अमरीका उत्तर कोरिया पर हमला नहीं करेगा. लेकिन उत्तर कोरिया ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए जापान सागर में एक मिसाइल परीक्षण भी कर डाला था. नरम रुख़ अब अपने रुख़ को नरम करते हुए उत्तर कोरिया ने अमरीकी पेशकश पर विचार करने की बात कही है.
उत्तर कोरिया में सरकारी समाचार एजेंसी ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से कहा है कि अगर राष्ट्रपति बुश के प्रस्ताव में उत्तर कोरिया के साथ सह अस्तित्त्व की भावना हुई, तो वे उस पर विचार करेंगे. हालाँकि अमरीका ने अभी तक इस पर ज़ोर देता रहा है कि वह उत्तर कोरिया के साथ आक्रमण न करने की किसी संधि पर हस्ताक्षर नहीं करेगा. जबकि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रमों को ख़त्म करने के लिए शर्त के रूप में इस तरह की संधि की माँग करता रहा है. विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने यह दोहराया है कि अमरीका की उत्तर कोरिया पर हमला करने की कोई मंशा नहीं है. वैसे अमरीका उत्तर कोरिया को किस तरह की सुरक्षा गारंटी देना चाहता है, इस पर दोनों पक्षों में अभी भी बातचीत होनी है. लेकिन अच्छी बात यही है कि उत्तर कोरिया की ओर से इस संबंध में सकारात्मक संकेत मिले हैं. इससे यह भी उम्मीद बँधी है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर छह देशों की बातचीत फिर से शुरू हो सकती है, जो पिछले दिनों नाकाम हो गई थी. |
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