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कोरिया तनाव कम करने पर राज़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर और दक्षिण कोरिया सैनिक तनाव कम करने के लिए सिद्धांत रूप में राज़ी हो गए हैं. दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद संयुक्त वक्तव्य जारी हुआ है. कोरियाई युद्ध के बाद पिछले सप्ताह पहली बार दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर उच्च स्तरीय संपर्क हुआ था. उत्तरी कोरिया के एक जनरल के नेतृत्व में सैनिक प्रतिनिधिमंडल दक्षिण कोरिया गया जहाँ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एक एडमिरल के पास था. लगभग 20 घंटे की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने कहा कि वे सिद्धांत रूप से समझौते पर सहमत हैं. उत्तर कोरिया आख़िरकार इस बात पर राज़ी हो गया कि दोनों देशों की नौसेना के बीच टेलीफ़ोन हॉटलाइन हो और रेडियो फ़्रीक्वेंसी भी मिले. वैसे उत्तर कोरिया का कहना था कि पहले प्रमुख समस्याओं पर बातचीत हो जाए जिसमें पश्चिमी तट पर विवादास्पद सीमा की बात प्रमुख है. और ब्यौरे तय करने के लिए फिर बातचीत होगी. ये समझौता दक्षिणी कोरिया सरकार के लिए एक प्रमुख उपलब्धि की तरह होगा क्योंकि वह उत्तर कोरिया के साथ संबंध ठीक करने की नीति पर चलने की कोशिश कर रहे हैं. अब तक उत्तर कोरिया अत्यधिक संवेदनशील सुरक्षात्मक मसलों पर चर्चा नहीं करता है और आर्थिक संबंध सुधारने पर ही ज़ोर देता रहा है. |
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