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उत्तर कोरिया पर बातचीत आगे बढ़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर छह देशों के प्रतिनिधियों के बीच बीजिंग में बातचीत का आज दूसरा दिन है. इससे पहले अमरीका और उत्तर कोरिया के प्रतिनिधियों के बीच सीधी बातचीत हुई है. अक्तूबर 2002 में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर विवाद शुरू होने के बाद से अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच यह पहली बड़े स्तर की बातचीत थी. लेकिन दोनों ही देशों के प्रतिनिधियों ने इस बातचीत के बारे में कुछ भी नहीं कहा है. बीजिंग में बीबीसी संवाददाता चार्ल्स स्कैनलन का कहना है कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस तरह की बातचीत होना ही इस बात का संकेत है कि दोनों देशों का लचीलापन बढ़ रहा है. अमरीका उत्तर कोरिया के साथ सीधी बातचीत से इनकार करता रहा है लेकिन अभी यह पता नहीं है कि क्या इस बातचीत में आपसी मतभेदों को दूर करने में कुछ बढ़त हासिल हुई है या नहीं. अमरीका पेशकश कर चुका है कि अगर उत्तर कोरिया अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दे तो वह उसे मुआवज़ा देने के लिए तैयार है. जानकारों का कहना है कि बातचीत के इस दौर के बाद भी अगर बातचीत जारी रखने और कोई कार्यदल बनाने पर सहमति बनती है तो उसे भी इस मामले में प्रगति ही कहा जाएगा. |
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