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परमाणु सुरक्षा पर बरादेई की चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद अल बारदेई ने ये चेतावनी दी है कि परमाणु संसाधनों के आतंकवादियों के हाथ में पड़ने से रोकने के लिए फ़ौरन क़दम उठाना ज़रूरी है. वाशिंगटन में एक सम्मेलन में अल बारदेई ने कहा कि इस दिशा में किसी तरह की कार्रवाई करने में पहले ही देर हो चुकी है. अंतरराष्ट्रीय शांति पर आयोजित सम्मेलन में बारदेई ने नाभिकीय हथियारों को बनाने में काम आनेवाले तत्वों यूरेनियम और प्लूटोनियम के ग़लत हाथों में पड़ जाने से होनेवाले ख़तरे के प्रति आगाह किया. उन्होंने परमाणु हथियारों पर नियंत्रण के लिए नई योजना का समर्थन किया. इस योजना के तहत परमाणु शक्ति संपन्न बड़े राष्ट्रों को विश्व सुरक्षा के हित में क़दम उठाने होंगे. अमरीकी सेनेटर और सुरक्षा विशेषज्ञ सैम नन ने बीबीसी को बताया कि उन्हें रूस में परमाणु संसाधनों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता है. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती ये है कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन कैसे इस मुद्दे को सबसे ऊपर रखते हैं. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ अर्से से दुनिया के तमाम देश परमाणु संसाधनों की सुरक्षा को लेकर ख़ासे चिंतित हैं. इसी साल फ़रवरी में ये ख़बर आई थी कि पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान ने कई देशों को परमाणु जानकारियाँ बेची थीं. क़दीर ख़ान ने इस बारे में माफ़ी माँगी मगर इस प्रकरण से पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई थी. |
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