|
सैकड़ों उत्तर कोरियाई सोल पहुँचे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया के 200 से ज़्यादा शरणार्थी दक्षिण कोरिया पहुँचे हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने किस तीसरे देश से होकर पलायन किया है. ग़रीबी और भूखमरी से त्रस्त उत्तर कोरिया से उसके पड़ोसी के यहाँ पहुँची यह शरणार्थियों की सबसे बड़ी खेप है. माना जाता है कि ये लोग चीन होते हुए दक्षिण कोरियाई राजधानी सोल पहुँचे हैं. योनहैप समाचार एजेंसी के अनुसार 200 उत्तर कोरियाइयों की एक और खेप बुधवार तक सोल पहुँचेगी. पूछताछ दक्षिण कोरियाई सुरक्षा अधिकारी शरणार्थियों को एक सैनिक हवाई अड्डे से किसी गुप्त स्थान पर ले गए हैं. इन लोगों से गहन पूछताछ की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शरणार्थियों के बीच कोई उत्तर कोरियाई जासूस नहीं है. माना जाता है दक्षिण कोरिया अपने कम्युनिस्ट पड़ोसी के 1000 हज़ार से ज़्यादा नागरिकों को हर साल अपने यहाँ पनाह देता है. लेकिन इनमें से ज़्यादातर तीन या चार लोगों के छोटे गुटों में आते हैं. अधिकतर उत्तर कोरियाई चीन होकर दक्षिण कोरिया पहुँचते हैं. उल्लेखनीय है कि चीन अपने यहाँ उत्तर कोरियाई शरणार्थियों को पनाह नहीं देता है. वह उन्हें अवैध प्रवासी मानता है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||