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'विस्फोट परमाणु परीक्षण के कारण नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका और दक्षिण कोरिया ने इन अटकलों को ख़ारिज कर दिया है कि पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया में हुआ बड़ा धमाका परमाणु परीक्षण के कारण हुआ था. अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने अमरीकी टेलिविज़न पर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण किया है. हालाँकि अभी उत्तर कोरिया और उसके क़रीबी समझे जाने वाले देश चीन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति के कार्यालय ने भी समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि उनके पास जो सूचना है उसके अनुसार उत्तर कोरिया ने कोई परमाणु परीक्षण नहीं किया है. दक्षिण कोरिया की मीडिया में आई इन ख़बरों के अनुसार विस्फोट की जगह से धुआँ उठा और अंतरिक्ष से वहाँ एक गड्ढा भी देखा जा सकता है. चीन की सीमा से लगे यांगगांग प्रांत में हुआ ये विस्फोट पिछले गुरुवार को हुआ था, उत्तर कोरिया इस दिन को 'नेशनल डे' के तौर पर मनाता है. पश्चिमी देशों के अधिकारी इसके परमाणु परीक्षण होने से इनकार कर रहे हैं. उत्तर कोरिया से ख़बरें काफ़ी समय में और सीमित रूप से ही बाहर आती हैं. इस बार भी उत्तर कोरिया अभी चुप्पी साधे है जबकि वहाँ की यात्रा पर गए एक ब्रितानी अधिकारी ने इस बारे में तुरंत स्पष्टीकरण माँगा है. अप्रैल में उत्तर कोरिया में एक रेल दुर्घटना हुई थी जिसमें लगभग 150 लोग मारे गए थे. मगर उत्तर कोरिया ने ये दुर्घटना तीन दिन बाद स्वीकार की थी. संभावनाएँ ख़बरों के अनुसार वो इलाक़ा पहाड़ी है और वहाँ सैनिक ठिकाना भी है. वहाँ से राजधानी प्योंगयांग की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है यानी आसानी से वहाँ की ख़बर नहीं मिलती है, मगर वह इलाक़ा चीन की सीमा पर है.
दक्षिण कोरिया में एक मंत्री चुंग दोंग योंग ने कहा कि उन्हें धमाकों की कुछ ख़बरें तो मिली हैं मगर उनकी सरकार ये नहीं मानती कि ये कोई परमाणु परीक्षण था. उधर अमरीका में विदेश विभाग के एक अधिकारी ने भी परमाणु परीक्षण की ख़बरों को पूरी तरह निराधार बताया है. चीन की ओर से इस पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है. उत्तर कोरिया से बीबीसी के जेम्स रॉबिन्स का कहना है कि अगर उत्तर कोरिया इस समय कोई परमाणु परीक्षण करता है तो इससे परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहा मौजूदा तनाव और गंभीर मोड़ ले सकता है. रॉबिन्स के अनुसार कूटनीतिज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अगर परमाणु परीक्षण करना चाहता है तो वह शायद यही जगह चुनेगा. समय और कारण इसके अलावा जिस समय इस विस्फोट की ख़बर आई है वह भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि उस दिन 'नेशनल डे' मनाया जा रहा था. उत्तर कोरिया पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है कि वह सारा परमाणु कार्यक्रम समाप्त करे और निशस्त्रीकरण करे. जब से अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने उत्तर कोरिया को 'दुष्टता की धुरी' करार दिया था तब से उत्तर कोरिया में अमरीका विरोधी भावनाएँ काफ़ी ज़ोर पर हैं. अब सवाल उठ सकता है कि उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण अभी क्यों करेगा? शायद अमरीका और दुनिया को ये बताने के लिए कि अब वह भी उस छोटे से समूह का सदस्य है जिसके पास परमाणु क्षमता है. इसके अलावा अगर कोई उत्तर कोरिया पर हमले के बारे में सोचता है तो उसके पास परमाणु हथियार होने से हमला टल सकता है. इसके अलावा उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग इल पहले कह भी चुके हैं कि अगर इराक़ के पास परमाणु हथियार होते तो अमरीका उस पर हमला नहीं करता. |
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