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कोरियाई परमाणु कार्यक्रम वार्ता नाकाम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों पर जारी गतिरोध को सुलझाने के लिए हुई बातचीत नाकाम रही है. छह देशों के प्रतिनिधियों के बीच ये बातचीत चीन की राजधानी बीजिंग में हो रही थी. इसमें चीन, रूस, अमरीका, जापान और उत्तर तथा दक्षिण कोरिया के नेता आए. मगर बैठक की समाप्ति पर ना तो कोई समारोह हुआ और ना ही कोई साझा बयान जारी किया गया. चीन ने कहा कि अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच इस मसले पर आपसी भरोसे की बेहद कमी है. उन्होंने कहा कि वैसे मतभेद कम हो रहे हैं. अमरीका ने उत्तर कोरिया को अपने सभी परमाणु संयंत्रों को नष्ट करने के बदले ऊर्जा क्षेत्र में सहायता और सुरक्षा की गारंटी देने का वायदा किया है. इसके जवाब में उत्तर कोरिया ने कहा कि अगर ये प्रस्ताव वाकई सही हैं तो वह अपने परमाणु संयंत्रों को बंद करने के लिए तैयार है. उत्तर कोरिया इस बात से इनकार करता रहा है कि वह यूरेनियम के संवर्धन के लिए गोपनीय कार्यक्रम चला रहा है. चीन में बातचीत के नाकाम रहने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि अगली बातचीत सितंबर महीने में होगी. |
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