|
उत्तर-दक्षिण कोरिया के बीच सड़क संपर्क | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर और दक्षिण कोरिया दोनों देशों के बीच सड़क संपर्क शुरू करने के लिए तैयार हो गए हैं. दोनों देशों को अलग करने वाले बफ़र ज़ोन में दो नई सड़कें बनाई गई है जिसे औपचारिक तौर पर खोला जाएगा. दोनों देश रेल संपर्क शुरू करने के बारे में भी परीक्षण करनेवाले हैं. सड़क संपर्क स्थापित करने का ये समझौता ऐसे समय हुआ है जब दक्षिण कोरिया ने विपन्नता से जूझ रहे अपने पड़ोसी देश को चार लाख टन खाद्य सामग्री की सहायता देने का वायदा किया है. सड़क संपर्क की शुरूआत का फ़ैसला दोनों देशों के बीच शांति की दिशा में एक बड़ा क़दम माना जा रहा है. कोशिश दोनों कोरियाई देशों ने पिछले पाँच दशकों से सीमा पर अपनी फ़ौजें तैनात कर रखी हैं और बफ़र ज़ोन में बारुदी सुरंगें लगाई गई हैं और अन्य तरह की व्यवस्थाएँ की गई हैं. लेकिन अब दोनों देशों के बीच आहिस्ता-आहिस्ता संबंध सामान्य करने की कोशिश हो रही है. दो दिन पहले ही दोनों देशों के सैनिक अधिकारियों ने आपसी तनाव कम करने के लिए संधि की थी. टीकाकारों की राय में उत्तर कोरिया पर परमाणु हथियारों के विकास को लेकर अमरीका की तरफ़ से दबाव है और इसी कारण वह दक्षिण कोरिया को खुश रखना चाहता है. सीमित यात्रा सड़क और रेल संपर्क के बारे में समझौता उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में एक बैठक में किया गया. लेकिन दोनों देशों के बीच यात्रा करना बेहद सीमित होगा. केवल सरकारी मान्यता प्राप्त कार्यों के लिए ही लोगों को सीमा के पास निषिद्ध इलाक़ों में जाने दिया जाएगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||