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तीन सप्ताह की लड़ाई के बाद शांति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के शिया बहुल शहर नजफ़ में अमरीकी नेतृत्व वाली फ़ौजों और शिया विद्रोहियों के बीच समझौता होने के बाद वहाँ से अमरीकी नेतृत्व वाली फ़ौजों की वापसी शुरु हो गई है. शिया मौलवी मुक़्तदा अल सद्र के समर्थक भी नजफ़ में हज़रत अली के मज़ार से बाहर चले गए हैं. अमरीकी नेतृत्व वाली सेनाओं और सद्र के समर्थकों के बीच इस मज़ार के आसपास तीन सप्ताह से लड़ाई चल रही थी. दोनों पक्षों के बीच यह समझौता इराक़ के वरिष्ठ आध्यात्मिक शिया नेता आयतुल्ला अली अल सिस्तानी ने कराया है जो इसी सप्ताह ब्रिटेन से कुवैत के रास्ते इराक़ पहुँचे थे. नजफ़ में हज़रत अली के मज़ार की चाबियाँ सिस्तानी के एक प्रतिनिधि को सौंप दी गई हैं. अब इराक़ी पुलिस ने नजफ़ को अपने नियंत्रण में ले लिया है और वहाँ मौजूद एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि शहर में अब शांति बनी हुई है.
इस बीच हज़ारों तीर्थयात्री हज़रत अली के मज़ार पर पहुँच रहे हैं. दरवाज़ों पर तैनात हथियार बंद सैनिकों ने तीर्थयात्रियों के लिए मज़ार तक जाने का रास्ता खोल दिया है और तीर्थ यात्री भीतर प्रवेश कर रहे हैं. शुक्रवार की नमाज़ के मौक़े पर कुछ तीर्थयात्रियों को मस्जिद के भीतर भी जाने की इजाज़त दी गई. तीर्थयात्री इस मौक़े पर बहुत भाविक हो उठे और उन्होंने अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए नारे लगाए. कुछ ने मज़ार की दीवारों, खिड़कियों और दरवाज़ों को चूमा. कुछ ख़ुद को रोने से नहीं रोक सके. शिया धार्मिक नेताओं के बीच गुरुवार को यह समझौता हुआ था कि शिया लड़ाके मज़ार परिसर छोड़ देंगे और अमरीकी नेतृत्व वाली फ़ौजें पवित्र शहर नजफ़ से बाहर चली जाएंगी. इससे पहले कहा गया था कि मज़ार पर हज़ारों तीर्थ यात्रियों के पहुँचने के बाद वहाँ से शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थक बाहर निकल जाएँगे. बीबीसी के संवाददाता एलेस्टेयर लीथहेड ने पहले ख़बर दी है कि थोड़ी देर पहले मज़ार के परिसर में शिया विद्रोही मौजूद थे और वे तीर्थ यात्रियों का स्वागत कर रहे थे. लेकिन आदेश के बाद वे परिसर छोड़ रहे हैं. समझौता इराक़ के सबसे प्रभावशाली शिया नेता आयतुल्ला सिस्तानी ने गुरुवार को समझौते की बात शुरु की. इस समझौते का इराक़ की अंतरिम सरकार ने स्वागत किया और इसे 'बड़ी जीत' बताया.
मक्त़दा अल सद्र ने ख़ुद आयतुल्ला सिस्तानी से उनके घर पर मुलाक़ात की थी. अंतरिम सरकार के प्रवक्ता क़ासेन दाउद ने कहा है, "शिया लड़ाके यदि राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेना चाहेंगे तो उनका स्वागत है और मुक़्तदा अल सद्र मुक्त रहेंगे." इस समझौते से सद्र के समर्थकों को मौक़ा मिलेगा कि वे हथियार डालने के बाद वे मज़ार से निकलें और आम लोगों में घुलमिल जाएँ. इस समझौते के अनुसार अमरीकी नेतृत्व वाली फ़ौजें नजफ़ छोड़ देंगीं और उन लोगों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा जिनकी इस लड़ाई में मौत हुई है. इस बीच इराक़ी पुलिस का कहना कि उन्होंने नजफ़ की उस इमारत में 15 शव बरामद किए हैं जहाँ शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र ने एक धार्मिक अदालत लगाई थी. पुलिस का दावा है कि ये शव उन लोगों के हैं जिन्हें मुक़्तदा अल सद्र की अदालत के आदेश पर मारा गया, लेकिन अदालत के एक अधिकारी ने इन ख़बरों का यह कहते हुए खंडन किया है कि वे शव उन लड़ाकों के हैं जो अमरीकी सेनाओं के साथ लड़ाई में मारे गए. |
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