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इराक़ी सरकार को मंज़ूर है समझौता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अंतरिम सरकार ने कहा है कि उसे नजफ़ में लड़ाई ख़त्म कराने के लिए शिया नेताओं अयातुल्ला अली सिस्तानी और मुक़्तदा अल सद्र के बीच हुआ समझौता मंज़ूर है. नजफ़ शहर में तीन सप्ताह से जारी लड़ाई की समाप्ति के लिए हुए समझौते के बारे में मुक़्तदा अल सद्र के एक प्रवक्ता हाजी सलाम अल मलिकी ने बीबीसी को बताया, "उनमें इस बात पर सहमति बनी है कि मुक़्तदा अल सद्र इमाम अली के मज़ार का ज़िम्मा सिस्तानी को सौंप देंगे, और मेहदी आर्मी के लोग अपने हथियार डाल देंगे." उन्होंने कहा, "समझौते के अनुसार विदेशी सैनिक नजफ़ शहर छोड़ कर चले जाएँगे, और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी इराक़ी पुलिस को सौंप दी जाएगी." इराक़ की अंतरिम सरकार ने मुक़्तदा अल सद्र और उनके हथियारबंद समर्थकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करने की बात मान ली है. अमरीकी सेना की तरफ़ से अभी इस बारे में कोई बयान नहीं आया है. 'सद्र की शर्तें मानी' इससे पहले सिस्तानी के समर्थकों ने कहा कि विद्रोही शिया नेता मुक़्तदा अल-सद्र ने नजफ़ में पिछले तीन हफ़्तों से चल रही लड़ाई को ख़त्म करने के लिए सभी शर्तों को मान लिया है.
सिस्तानी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि दोनों नेताओं ने गुरूवार को नजफ़ में मुलाक़ात की और लगभग तीन चौथाई मुद्दों पर सहमति हो गई है. नजफ़ से बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लीटहैड का कहना है कि इस तरह शहर में शांति क़ायम करने की कोशिशें काफ़ी हद तक सही दिशा की ओर बढ़ती नज़र आ रही हैं. पुराने नजफ़ शहर के बाहर के एक घर में अल-सिस्तानी से मुलाक़ात करने के लिए ख़ुद मुक़्तदा अल-सद्र पहुँचे थे. |
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