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शिया नेता सिस्तानी इराक़ लौटे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में शिया समुदाय के सबसे प्रमुख नेता आयतुल्ला अली सिस्तानी लंदन में इलाज के बाद इराक़ वापस लौट गए हैं. ऐसा समझा जा रहा है कि नजफ़ में जारी संकट को सुलझाने में सिस्तानी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने वहाँ पहुँचते ही अपने समर्थकों से नजफ़ की तरफ़ बढ़ने के लिए कहा है. सिस्तानी अपने समर्थकों के एक कारवाँ के साथ बुधवार को कुवैत से इराक़ी सीमा में दाख़िल हुए और गुरूवार को नजफ़ की तरफ़ कूच करने की संभावना है. नजफ़ में शिया मौलवी मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों और अमरीकी नेतृत्व वाली सेना के बीच भारी लड़ाई हो रही है. नजफ़ से ऐसी ख़बरें मिल रही हैं कि अमरीका और इराक़ के सैनिक नजफ़ में हज़रत अली के मज़ार के और निकट पहुँच गए हैं. इस जगह सद्र समर्थकों ने क़ब्ज़ा किया हुआ है. उधर फ़लूजा में अमरीकी सैनिक विमानों ने लगातार दूसरे दिन बम बरसाए हैं. बातचीत की पेशकश शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि उनके नेता बातचीत करने के लिए तैयार हैं. प्रवक्ता ने कहा,"हम नजफ़ के संकट का अंत करने के लिए बातचीत के लिए तैयार हैं". इसके पहले इराक़ के अंतरिम रक्षा मंत्री ने कहा था कि सरकार का सब्र ख़त्म हो रहा है. इराक़ सरकार ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि वह नजफ़ में स्थिति सामान्य बनाने के लिए बल का इस्तेमाल कर सकती है. मुक़्तदा अल सद्र को कई दिनों से देखा नहीं जा सका है मगर उनके समर्थकों का कहना है कि वे नजफ़ में ही हैं और सारी कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं. नजफ़ से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हज़रत अली की दरगाह तक जानेवाली सँकरी गली लड़ाई के कारण धीरे-घीरे टूटती जा रही है. |
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