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इराक़ में विदेशी क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीकी के नेतृत्व वाले विदेशी क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ शियाओं के पवित्र शहर करबला में रविवार को बड़ा प्रदर्शन हुआ जिसमें हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे कि विदेशियों वापस जाओ और उपनिवेशवाद को सहन नहीं किया जाएगा. उन्होंने मांग की कि करबला में सभी धार्मिक स्थानों से अमरीकी सेनाएं तुरंत वापस हटें. एक स्थान पर प्रदर्शनकारियों की सामना अमरीकी टैंकों से भी हुआ क्योंकि अमरीकी टैंक वहाँ तक घुस आए थे. करबला में ही अमरीकी सैनिकों की लड़ाई शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थक लड़ाकों से भी हुई. अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि इस लड़ाई में एक इराक़ी व्यक्ति मारा गया और कम से कम 13 अन्य इराक़ी घायल हो गए. सुन्नी बहुल शहर फ़लूजा के कुछ लोगों ने शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र से एकजुटता दिखाते हुए उनसे नजफ़ में मुलाक़ात भी की है. उधर एक अन्य शहर नसीरिया में भी विदेशी सैनिकों के साथ इराक़ी लड़ाकों की लड़ाई में दो इराक़ियों के मारे जाने और छह इतालवी सैनिकों के घायल होने की ख़बर है. इतालवी सैनिकों ने वहाँ लगातार बढ़ते हमलों की वजह से गठबंधन सेनाओं के स्थानीय मुख्यालय को ख़ाली कर दिया है. राजधानी बग़दाद के उत्तर में विदेशी गठबंधन के लोगों पर हुए हमलों में तीन इराक़ी महिलाओं की मौत हो गई. ये महिलाएं अमरीकी सैनिकों के लिए काम करती थीं. |
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