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शनिवार, 08 मई, 2004 को 04:20 GMT तक के समाचार
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रम्सफ़ेल्ड ने माफ़ी माँगी, इस्तीफ़ा नहीं देंगे
रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड
रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड पर भारी दबाव है
इराक़ी क़ैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार के मामले में अमरीका के रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने संसद के ऊपरी सदन में माफ़ी माँगी है.

इससे पहले गुरूवार को राष्ट्रपति बुश ने भी इसी मामले में माफ़ी माँगी थी.

उन्होंने सीनेट की एक समिति के सामने कहा कि मैं "अमरीकी सैनिकों के व्यवहार के लिए जवाबदेह हूँ और इसके लिए दिल की गहराई से माफ़ी माँगता हूँ."

उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जाँच की घोषणा की और कहा कि इसकी रिपोर्ट 45 दिनों के भीतर आ जाएगी.

रम्सफ़ेल्ड ने कहा कि रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने जिस तरह से इस मामले में भूमिका निभाई है उसकी पूरी पड़ताल होगी.

रक्षा मंत्री ने कहा कि जब उन्होंने गुरुवार को तस्वीरें देखीं तब उन्हें स्थिति की गंभीरता का पता चला. उन्होंने ये भी कहा कि जो तस्वीरें दिखाई गई हैं उससे कहीं ज़्यादा तस्वीरें हैं.

पद छोड़ने की माँग के बीच रम्सफ़ेल्ड ने कहा, "ये कहने की ज़रूरत नहीं है कि अगर मुझे लगा कि मैं प्रभावी भूमिका नहीं निभा पाउँगा तो मैं निश्चित रूप से पद छोड़ दूँगा."

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इराक़ी क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार की तस्वीरें छपी हैं (फोटो न्यूयॉर्कर के सौजन्य से)

उन्होंने कहा कि वह पद नहीं छोड़ेंगे क्योंकि लोग इसे एक राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं.

इस मामले में विपक्षी दल रम्सफ़ेल्ड से माँग करते रहे हैं कि वे इस्तीफ़ा दें, अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने गुरूवार को ही कह दिया था कि रम्सफ़ेल्ड को नहीं हटाया जाएगा.

इस बीच अमरीकी जॉइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ जनरल रिचर्ड मायर्स ने इस बात से कड़ाई से इनकार किया कि इराक़ी क़ैदियों के मसले में कोई बात दबाने की कोशिश हो रही है.

उन्होंने कहा कि बग़दाद में अमरीकी सैनिक कमान ने जनवरी में ही घोषणा कर दी थी कि क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मसले में जाँच की जाएगी.

जब उनसे ये पूछा गया कि उन्होंने पिछले सप्ताह मीडिया पर इस बात का दबाव क्यों डाला कि वे तस्वीरें न छापी जाएँ तो उनका कहना था कि वह मसले को दबाना नहीं चाह रहे थे बल्कि उन्हें लग रहा था कि अगर तस्वीरें छपीं तो इससे इराक़ में तैनात सैनिकों को ही नुक़सान होगा.

जनरल मायर्स ने ये भी कहा कि इस बारे में उन्होंने राष्ट्रपति बुश, उपराष्ट्रपति डिक चेनी या रक्षा मंत्री से कोई बात नहीं की थी.

रम्सफ़ेल्ड ने इराक़ी क़ैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार के कुछ महीनों पहले ही बग़दाद के अबू ग़रेब जेल का दौरा किया था.

उन पर आरोप हैं कि उन्होंने स्थिति की गंभीरता को उसी समय नहीं महसूस किया.

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