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'कुत्ते की तरह बर्ताव किया गया हमसे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अबू ग़रैब जेल में बंदियों के साथ अमानवीय व्यवहार की तस्वीरों ने तहलका मचा दिया है. हैदर सब्बार आबिद कहते हैं कि यह सब उनका आँखों देखा और भुगता हुआ है. उन्होंने बीबीसी अरबी सेवा को अपनी दास्तान कुछ यूँ सुनाई... यह रमज़ान के महीने की बात है. मैं एक टैक्सी में था जब मुझे बग़दाद के ताजी शिविर के क़रीब रोक लिया गया जो अमरीकी सैनिकों के नियंत्रण में था. मुझसे कहा गया कि मैं अपने काग़ज़ात दिखाऊँ. जो मेरे पास नहीं थे. फिर मुझे गिरफ़्तार करके पहले सेना मुख्यालय और फिर हवाई अड्डे के क़रीब एक शिविर में ले जाया गया. मुझसे कहा गया था कि कुछ सवाल पूछे जाएँगे और फिर मुझे रिहा कर दिया जाएगा. लेकिन तीन दिन तक कुछ नहीं हुआ.
तीसरे दिन ही सुबह चार बजे उन्होंने मेरा नंबर पुकारा और मुझे बसरा के बोक़ा शिविर में ले जाया गया. मैं समझा मुझ पर इराक़ की किसी अदालत में मुक़दमा चलाया जाएगा. लेकिन मैंने किया क्या था? मैं कोई अपराधी नहीं हूँ. मेरे पाँच बच्चे हैं और मेरे परिवार को यह तक पता नहीं था कि मैं हूँ कहाँ. फिर मुझे अबू ग़रैब के कैंप वन ले जाया गया. वहाँ मैंने एक इराक़ी कर्मचारी को एक महिला सैनिक के साथ संबंध रखने पर टोका और फिर शुरू हो गया ज़ुल्म का सिलसिला. हमारे कपड़े ब्लेड से काट दिए गए. हमें नंगा कर दिया गया यहाँ तक कि हमारे अंदर के कपड़े तक उतरवा दिए गए. फिर उन्होंने एक महिला सैनिक के सामने हमसे तरह-तरह के काम करवाए. मैंने हस्तमैथुन करने से मना किया और जब मैंने मना किया तो उन्होंने बेदर्दी से मुझ पीटा. मैं डर से काँप रहा था. फिर मेरे सिर पर एक थैला चढ़ा दिया गया और मुझे ऐसे दिखाना पड़ा जैसे मैं हस्तमैथुन कर रहा हूँ.
हमसे कुत्ते की तरह बर्ताव किया गया. गले में पट्टा डाला गया और हमसे भौंकने को कहा गया. वे सीटी बजाते थे और हम भौंकते थे. हमसे एक दूसरे के ऊपर चढ़ने को कहा गया. हमसे कहा गया था कि वे हमें जान से मार देंगे. लेकिन फिर हमारे सिर पर से थैला उतार लिया गया. मुझे इतनी बुरी तरह पीटा गया था कि मेरा जबड़ा टूट गया था. फिर अमरीकी गुप्तचर अधिकारियों का एक दल हमें देखने आया और मैंने उन्हें यह सब कुछ बताया. मुझे अदालत ले जाया गया और फिर 15 अप्रैल को रिहा कर दिया गया. (इस बयान की पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन यह अमरीकी रक्षा मंत्रालय की जाँच के परिणामों से मेल खाता है). |
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