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इराक़ में जेल की घटना वीभत्सः बुश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने अमरीकी सैनिकों के हाथों इराक़ी क़ैदियों के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा की है और इसे 'एक वीभत्स घटना' बताया है. अमरीकी आर्थिक सहायता से चलने वाले एक अरबी टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में बुश ने कहा कि यह आम तौर पर होने वाली घटना नहीं है और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दी जाएगी. इससे पहले जेलों के रखरखाव की प्रभारी अमरीकी अधिकारी ने 'ग़ैरक़ानूनी और अनधिकृत कार्रवाइयों' के लिए माफ़ी माँगी थी. अबू ग़रेब जेल में ज़मीन पर पड़े निर्वस्त्र इराक़ी क़ैदियों के बीच हँसते हुए अमरीकी सैनिकों की तस्वीरें सामने आईं तो पूरी दुनिया को झटका सा लगा. अल हुर्रा टेलीविज़न नेटवर्क को दिए गए इंटरव्यू में बुश ने कहा, "इराक़ की जनता को समझना चाहिए कि मैं इस तरह की हरकतों को वीभत्स और घृणित मानता हूँ." उन्होंने कहा, "इराक़ियों को मानना चाहिए कि जेल में जो कुछ हुआ वह उस अमरीका की तस्वीर नहीं पेश करता जिसे मैं जानता हूँ." उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ग़लतियाँ होती हैं लेकिन इस घटना की सद्दाम हुसैन के शासनकाल की ज़्यादतियों से तुलना नहीं की जा सकती. बुश ने कहा कि अप्रैल महीने में उन्हें इस घटना का पता चला था, उन्होंने वादा किया, "पूरी जाँच की जाएगी और दोषियों के ख़िलाफ़ न्यायिक कार्रवाई होगी." अमरीकी राष्ट्रपति ने एक अन्य अरबी टीवी अल अरबिया को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि अमरीकी दोहरे मानदंडों में विश्वास नहीं रखता, अगर दूसरे देशों के लिए मानवाधिकार उल्लंघन बुरा है तो अमरीका के लिए भी है. राष्ट्रपति बुश से जेल में कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार के मामले में माफ़ी माँगने की बात नहीं कही गई और न ही उन्होंने माफ़ी माँगी. इससे पहले राष्ट्रपति की सुरक्षा मामलों की सलाहकार कॉन्डोलिज़ा राइस ने इराक़ी कैदियों के साथ बुरे व्यवहार पर गहरा दुख प्रकट किया था. रिपोर्ट अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागॉन की आंतरिक रिपोर्ट में विस्तार से इस बात के सबूत पेश किए गए हैं कि कैदियों के साथ "घृणित, आपराधिक व्यवहार" किया गया था.
अमरीकी मीडिया में इराक़ी कैदियों की लाशों की तस्वीरें छपने के बाद अमरीका में भी काफ़ी सनसनी फैल गई है. ऐसी तस्वीरें सामने आईं हैं जिनमें कैदियों को नग्न अवस्था में अपमानजनक स्थितियों में दिखाया गया है, कई इराक़ी कैदियों ने आरोप लगाया है कि अमरीकी सैनिकों ने उनके कपड़े उतार दिए और उनकी बेरहमी से पिटाई की. अमरीकी सेना ने स्वीकार किया है कि वर्ष 2002 से लेकर अब तक इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में कुल 25 कैदियों की मौत हिरासत में हुई है जिनमें से दो मामलों को हत्या माना जा रहा है. |
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