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रविवार, 16 मई, 2004 को 07:17 GMT तक के समाचार
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रम्सफ़ेल्ड ने दुर्व्यवहार को 'मंज़ूरी' दी
बुश और रम्सफ़ेल्ड
राष्ट्रपति बुश अपने सहयोगी रम्सफ़ेल्ड का बचाव कर रहे हैं
अमरीका की एक रक्षा पत्रिका का कहना है कि अमरीकी रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने स्वयं एक गोपनीय कार्यक्रम को स्वीकृति दी थी जिसके कारण इराक़ी बंदियों के साथ दुर्व्यवहार को बढ़ावा मिला.

न्यू यॉर्कर नाम की इस पत्रिका में प्रकाशित एक लेख के अनुसार रम्सफ़ेल्ड ने अफ़ग़ानिस्तान में उपयोग में लाए जा रहे एक अभियान को ही इराक़ में भी चलाए जाने को मंज़ूरी दी.

लेख मे कहा गया है कि इस अभियान की वजह से ही ख़ुफ़िया जानकारी हासिल करने के लिए इराक़ी बंदियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ और उन्हें यौन प्रताड़ना दी गई.

अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन के अधिकारियों ने पत्रिका के दावों को निराधार, षडयंत्रकारी, ग़लत तथ्यों से भरा और अटकलों पर आधारित बताया है.

पेंटागन के एक प्रवक्ता ने कहा,"रक्षा मंत्रालय के किसी भी ज़िम्मेदार अधिकारी ने ऐसे किसी कार्यक्रम को मंज़ूरी नहीं दी".

लेख के दावे

 कमांडो दस्ते के सदस्यों को इस बात की छूट दी गई कि वे दुनिया भर में अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी के केंद्रों में लोगों को पकड़कर उनसे पूछ-ताछ कर सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर बलप्रयोग भी कर सकते हैं
न्यूयॉर्कर में प्रकाशित लेख

जाने-माने अमरीकी पत्रकार सेमॉर हर्श ने अपने लेख में बिना नाम बताए एक ख़ुफ़िया अधिकारी के हवाले से लिखा है कि असल कार्यक्रम में 'बड़े महत्व वाले' लोगों को मारने, उनका अपहरण करने और उनसे पूछताछ करने की छूट दी गई थी.

हर्श ने लिखा है कि अफ़ग़ानिस्तान में 2001 में अमरीकी अभियान की शुरूआत के बाद से अल क़ायदा के सदस्यों को पकड़ने में मिली निराशा के बाद ही इस कार्यक्रम का जन्म हुआ.

लेख के अनुसार कमांडो दस्ते के सदस्यों को इस बात की छूट दी गई कि वे दुनिया भर में अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी के केंद्रों में लोगों को पकड़कर उनसे पूछ-ताछ कर सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर बलप्रयोग भी कर सकते हैं.

 रक्षा मंत्रालय के किसी भी ज़िम्मेदार अधिकारी ने ऐसे किसी कार्यक्रम को मंज़ूरी नहीं दी
पेंटागन प्रवक्ता

लेख में कहा गया है कि पिछले वर्ष डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड और उनके कनिष्ठ अधिकारी स्टीफ़न कैम्बोन ने इस कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए बग़दाद की अबू ग़रेब जेल में भी इस कार्यक्रम को चलाए जाने को मंज़ूरी दे दी.

पिछले दिनों इराक़ की इस जेल में बंदियों के साथ दुर्व्यवहार की तस्वीरें सार्वजनिक हुईं जिसके बाद पूरी दुनिया में हलचल मची.

इस संबंध में रम्सफ़ेल्ड और वरिष्ठ पेंटागन अधिकारियों से पूछताछ भी हुई है मगर उन्होंने कहा है कि उन लोगों ने ऐसे किसी दुर्व्यवहार को कभी मंज़ूरी नहीं दी.

उन्होंने कहा कि चंद लोगों ने पूछताछ के लिए ग़लत तरीक़ों का इस्तेमाल किया और उन्हें सज़ा दी जाएगी.

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