बाल ठाकरे, सिद्धिविनायक और नौसेना कमान थे हेडली का निशाना

- Author, ज़ुबैर अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, शिकागो से
मुंबई हमलों की साज़िश रचने के आरोप में शिकागो शहर में चल रहे मुक़दमे के दौरान डेविड हेडली ने कहा है कि हमलों के लिए पाकिस्तान में तैयार की गई सूची में कई अहम लोग और ठिकाने थे.
अमरीका में शिकागो के व्यवसायी तहव्वुर राणा के ख़िलाफ़ चल रहे इस मुक़दमे में गवाही देते हुए डेविड हेडली ने बताया है कि शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे और उनके पुत्र उद्धव ठाकरे भी उनके निशाने पर थे.
डेविड हेडली के मुताबिक़ उन लोगों की योजना मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर, भारतीय नौसेना की हाई कमान और मुंबई के हवाई अड्डे पर हमला करने की थी.
हालांकि अपनी गवाही के दौरान डेविड हेडली ने ये भी कहा कि 2008 में मुंबई के जिस ओबेरॉय होटल पर हमला हुए वो उनकी सूची में शामिल नहीं था.
ग़ौरतलब है कि मुंबई हमलों की साज़िश रचने के आरोप में तहव्वुर राणा के खिलाफ़ चल रहे मुक़दमे में सरकारी गवाह और राणा के बचपन के दोस्त डेविड हेडली ने अदालत को कई महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ दी हैं.
मेजर इक़बाल की भूमिका
डेविड हेडली ने अदालत को बताया है कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के एक अधिकारी मेजर इक़बाल इस बात से खुश नहीं थे कि मुंबई हमलों के ठिकानों में मुंबई हवाई अड्डे को शामिल नहीं किया गया.
हालांकि हेडली ने अदालत को इस बात की भी जानकारी दी कि मेजर इक़बाल के कहने पर ही यहूदी केंद्र चबाड हॉउस को ठिकानों की सूची में शामिल किया गया था.
हेडली के मुताबिक़ मेजर इक़बाल का मानना था कि चबाड हॉउस इसराइल की खुफ़िया एजेंसी मोसाद का अड्डा था इसलिए वे उसे इस सूची में शामिल करना चाहते थे.
अपनी गवाही के दौरान डेविड हेडली ने बताया कि पाकिस्तान में साजिद मीर और मेजर इक़बाल ही उनके मुख्य केंद्र थे.
चरमपंथियों की ट्रेनिंग
गवाही के दूसरे दिन डेविड़ हेडली ने अदालत को जानकारी दी कि मुंबई हमलों की तैयारी पूरी गहराई से सोच विचार करने के बाद ही की गई थी.
उन हमलों में शामिल दस चरमपंथयों की ट्रेनिंग कई महीनों तक चली और उन्हें नई तरह की ट्रेनिंग मुहैया कराई गई.
हेडली की गवाही से इस बात का पता चलता है कि हमलावरों को सिखाया गया कि तंग इमारतों और गलियों में लड़ाई कैसे लड़ी जाती है.
उन्हें ये भी सिखाया गया कि भागने के बजाय डट कर मुकाबला कैसे किया जाए.
ठाकरे परिवार था निशाना

हेडली की गवाही में इस बात का पता चला है कि शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे और उनके बेटे उद्धव ठाकरे भी उनके निशाने पर थे.
इस बात का भी पता चला है कि हेडली ने उद्धव ठाकरे के एक सहयोगी से मित्रता कर ली थी जो हेडली के दोस्त और मुंबई हमलों में अभियुक्त तहव्वुर राणा को मुंबई में निवेश करने की दावत की योजना रखते थे.
ठाकरे परिवार पर निशाने की बात का तब पता चला जब उनके और हेडली के बीच ईमेल से हुई बातचीत को अदालत के समक्ष गवाही के रूप में पेश किया गया.
हालांकि हेडली की गवाही से इस बात का शक नहीं होता कि शिव सेना के इस नेता को इस बात का आभास था कि ठाकरे परिवार के खिलाफ़ क्या योजना बन रही थी.
दरअसल हेडली और पाकिस्तान में लश्कर के नेताओं के बीच ईमेल के आदान प्रदान से ये पता चलता है कि लश्कर के निशाने पर शिवसेना प्रमुख और उनके बेटे भी थे.
'शिवसेना से नफ़रत'
डेविड हेडली ने शिकागो की अदालत को जानकारी दी कि वे और लश्कर के उनके साथी शिवसेना से नफ़रत करते थे.
हालांकि शिवसेना में बने हेडली के इस दोस्त की अहमियत पर लश्कर के नेताओं को शक था और उन्होंने इसका इज़हार हेडली को भेजे गए ईमेल में भी किया है.
राजा रेगे के नाम से संबोधित किए गए शिव सेना नेता की साख़ का पता लगाने के लिए लश्कर नेताओं ने हेडली से कहा था कि उसके ज़रिये वे या तो शिवसेना प्रमुख या उनके बेटे को विदेश आने का निमंत्रण दे.
हेडली के मुताबिक़ शिवसेना के उस मित्र ने कोशिश की लेकिन क़ामयाबी नहीं मिली.
हालांकि हेडली ने उस ईमेल का भी उल्लेख किया जिसमे उन्होंने अपने पाकिस्तानी साथियों से पूछा था कि शिवसेना नेताओं को भारत में ही मार दिया जाए या फिर विदेश में.
मुक़दमे के दौरान शिकागो में जब सरकारी वकील ने उनसे पूछा कि क्या वे वाकई में ऐसा करना चाहते थे तो हेडली का जवाब था कि उन्होंने सिर्फ मज़ाक किया था. गौरतलब है कि सोमवार को डेविड हेडली ने अदालत को बताया था कि 2008 मुंबई हमलों की योजना लश्कर-ए-तैबा संगठन ने बनाई थी जिसमें उसे आईएसआई का सहयोग हासिल था.












