वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष से आने वाली रहस्मयी तरंगों का पता चला

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- Author, हेलेन ब्रिग्स
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक दूरस्थ गैलेक्सी से रहस्यमयी तरंगों के निकलने का दावा किया है.
इन संकतों को कनाडा के एक टेलीस्कोप ने कैच किया है.
वैसे ये रेडियो तरंगें कहां से निकली हैं और उसकी प्रकृति क्या है, इसके बारे में अभी कुछ पता नहीं है.
दअरसल, 13 तीव्र रेडियो प्रस्फोट (एफआरबी) तरंगों का पता चला है, जिसके बारे में मोटे तौर पर कहा जा रहा है कि ये यही कोई 1.5 अरब प्रकाश वर्ष दूर उत्पन्न हुई होंगी.
तीव्र रेडियो प्रस्फोट या फास्ट रेडियो बर्स्ट्स, वैसी रेडियो तरंगों को कहा जाता है जिनमें बहुत थोड़े समय के लिए रेडियो संकेत प्रकट होते हैं. इसका स्रोत और इसके प्रकट होने के कारणों के बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है और अमूमन ये हमारी गैलेक्सी से बाहर ही उत्पन्न होती हैं. ये माना जाता है कि वे ब्रह्मांड की कुल लंबाई की आधी दूरी से आती हैं.
बहरहाल, ऐसी एक घटना इससे पहले भी दर्ज हो चुकी है, तब इसे किसी दूसरे टेलीस्कोप ने दर्ज किया था.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ ब्रिटिश कोलंबिया (यूबीसी) के खगोलविद इनग्रिड स्टैयर्स ने बताया, "दूसरी बार ऐसा होने से इस बात के संकेत हैं कि वहां ऐसी और तरंगें उत्पन्न हो रही होंगी. हमें ऐसी तरंगों और उनके स्रोतों के बारे में और ज़्यादा जानकारी होगी तो हम अंतरिक्ष की इस पहेली को ज़्यादा समझ पाएंगे- ये कहां से आ रही हैं और इनके उत्पन्न होने की वजह क्या हैं."

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ब्रिटिश कोलंबिया की ओकनागन वैली में स्थित कैनेडियन हाइड्रोजन इंटेसिटी मैपिंग एक्सपेरिमेंट (सीएचआईएमई) आब्जरवेटरी, में 100 मीटर लंबे आधे सिलिंडर के आकार के चार एंटीना लगे हुए हैं. ये एंटीना उत्तरी आसमान को हर दिन स्कैन करते हैं. यहां के टेलीस्कोप ने पिछले साल से ही काम करना शुरू किया है. इस टेलीस्कोप ने ही 13 बार रेडियो बर्स्ट्स तरंगों को कैच किया है वो भी तुरंत, इनमें लगातार आवृत्ति वाली तरंग भी शामिल हैं.
यह रिसर्च नेचर जर्नल में प्रकाशित हुई है.
कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी के श्रीहर्ष तेंदुलकर बताते हैं, "हमने दूसरी आवृत्ति वाली तरंगों की तलाश है और इसके गुण पहले वाली तरंगों से मिलते-जुलते थे. इससे हमें आवृत्ति वाली तरंगों के गुणों के बारे में जानकारी मिल रही है, जो ज़्यादा संख्या में होने का संकेत देते हैं."
अब तक वैज्ञानिकों को 60 सिंगल यानी अकेली फास्ट रेडियो बर्स्ट्स प्राप्त हुए हैं और दो बार आवृत्ति वाले. हालांकि, वैज्ञानिकों का मानना है कि अंतरिक्ष में प्रतिदिन ऐसे हज़ारों फास्ट रेडियो बर्स्ट्स उत्पन्न होते होंगे. ये क्यों उत्पन्न होते हैं, इसको लेकर भी कई दलीलें दी गई हैं.
इन दलीलों में एक दलील न्यूट्रॉन तारे से भी जुड़ी है, जिसके बारे में कहा जाता है कि मज़बूत चुंबकीय क्षेत्र वाला ये तारा तेजी से घूमता है. दो न्यूट्रॉन तारे एक दूसरे में घूमते हुए समा भी जाते हैं. कुछ वैज्ञानिकों के मुताबिक उस वक्त ही ये रेडियो तरंगें पैदा होती हैं.
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