पाकिस्तान के लिए 'कश्मीर जीने-मरने का सवाल'

पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल राहिल शरीफ़.

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पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ़ ने कहा है कि भारत प्रशासित कश्मीर पाकिस्तान के जीन मरने का सवाल है - राहील शरीफ़ ने इसे 'शह रग' कहकर बुलाया.

उन्होंने कहा कि वो कश्मीरियों को कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देना जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि भारत प्रशासित कश्मीर की जनता सरकारी (भारत) हिंसा का निशाना बन रही है.

उन्होंने कहा कि वो आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए लड़ रहे भारत प्रशासित कश्मीर की जनता के बलिदान को सलाम करते हैं.

जनरल शरीफ़ ने मंगलवार को शहीदी दिवस के अवसर पर रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं.

उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या का अंतिम समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के ज़रिए ही संभव है.

भारत प्रशासित कश्मीर में पत्थरबाज़ों पर कार्रवाई करती पुलिस.

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इस अवसर पर पाकिस्तानी प्रमुख ने कहा कि वो दोस्तों और दुश्मनों को अच्छी तरह से पहचानते हैं. पाक-चीन दोस्ती के लिए 'सी पैक' बड़ी परियोजना है, जो पूरे क्षेत्र की समृद्धि में मददगार साबित होगी. जनरल शरीफ़ ने कहा कि सी-पैक परियोजना को समय पर पूरा करना उनका राष्ट्रीय कर्तव्य है.

उन्होंने कहा, ''इस परियोजना में किसी बाहरी शक्ति को रास्ते में बाधा नहीं डालने देंगे, उसके ख़िलाफ़ हर प्रयास को सख़्ती से निपटा जाएगा.''

उल्लेखनीय है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन में जी 20 के सम्मेलन के दौरान हुई चीनी राष्ट्रपति से मुलाक़ात में चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर का मामला उठाते हुए इसे भारतीय सीमा का अतिक्रमण बताया था.

जनरल शरीफ़ का कहना था कि वो सभी पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहते हैं, क्योंकि शांति का असल मतलब क्षेत्र में शक्ति संतुलन है.

उन्होंने कहा कि 'सभी बाहरी षड्यंत्र और उकसाने वाली घटना के बावजूद पाकिस्तानी सेना देश की रक्षा करने में सक्षम है. पाकिस्तान पहले मज़बूत था और आज अजेय है."

अफ़ग़ानिस्तान सीमा के पास तैनात पाकिस्तानी सेना के जवान.

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उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान पड़ोसी देश है और वहां शांति और स्थिरता पाकिस्तान के हित में है.

भारत का नाम लिए बग़ैर उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ तत्व अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान के संबंधों में बाधा हैं, वो कभी अफ़ग़ानिस्तान के प्रति ईमानदार नहीं हैं.

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