भारतीयों ने सुषमा को ट्वीट की दर्द, बेबसी की दास्ताँ

सऊदी में फंसे मजदूर

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    • Author, दिलनवाज़ पाशा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर बताया है कि सऊदी अरब में रह रहे क़रीब तीस लाख भारतीयों में से क़रीब दस हज़ार भूखे-प्यासे हैं.

सुषमा स्वराज ने सऊदी में भारत के दूतावास को इन सबकी हरसंभव मदद करने के लिए कहा है.

साथ ही उन्होंने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय से भी मदद मांगी है.

भारतीय मजदूरों का ख़त

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इमेज कैप्शन, ये पत्र विवेक बंसल ने सुषमा स्वराज को ट्वीट किया है.

सुषमा स्वराज ने ट्विटर के ज़रिए कई लोगों को जवाब भी दिए हैं.

सुषमा के ट्वीट के बाद सऊदी अरब में रह रहे भारतीय प्रवासी कामगरों और मजदूरों की मुसीबतें मीडिया की नज़रों में भी आई हैं.

जंतर मंतर पर प्रदर्शन

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इमेज कैप्शन, सऊदी अरब के साद समूह में काम कर रहे लोगों के परिजनों ने बीते महीने दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया था.

अनेक भारतीय मज़दूर ट्विटर के ज़रिए अपनी व्यथा सुनाने का प्रयास करते रहे हैं.

साद समूह नाम की कंपनी के जिन कामगरों की परेशानी अब चर्चा का विषय है वो महीनों से अपनी ओर ध्यान खींचने की कोशिश में लगे हुए थे.

सऊदी अरब में फंसे इन लोगों के परिजनों ने एक महीना पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना भी दिया था.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को किए गए ट्वीट पर नज़र डालते ही अहसास हो जाता है कि सऊदी और अन्य अरब मुल्कों में भारतीय मज़दूर किन हालातों में रह रहे हैं.

राजेश कुमार गुप्त ने चार जुलाई के ट्वीट में विदेश मंत्री को बताया है, "मैडम, मैं सऊदी अरब में तुरफ़ा में फंसा हूँ. कफ़ील मार रहा है और मेरी सैलरी भी नहीं दे रहा है."

राजेश ने पिटाई के बाद नीले पड़े अपने बदन की तस्वीर भी ट्वीट की थी.

सुषमा स्वराज ने इसका संज्ञान लेते हुए भारतीय दूतावास को इस बारे में कार्रवाई के लिए कहा था.

लेकिन ट्वीट करने वाले सभी इतने ख़ुशनसीब नहीं थे.

कुमार का सुषमा को ट्वीट

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जैकी एस कुमार ने मई में सुषमा को किए गए ट्वीट के ज़रिए सऊदी अरब में फंसे अपने मित्र सद्दाम हुसैन की पीड़ा की ओर ध्यान खींचना चाहा था.

कुमार ने अपने मित्र के साथ हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट भी ट्वीट के साथ लगाया था.

सऊदी में मज़दूरी कर रहे गणेश देवीसन भी महीनों से मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिल सकी है.

गणेश देवीसन का ट्वीट

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गणेश ने बीबीसी को बताया, "मैं यहां बुरी तरह फंसा हूँ और किसी भी तरह भारत लौटना चाहता हूँ. मेरी मदद कीजिए."

गणेश और कुमार जैसे सैकड़ों लोग हैं जो काफी देर से ट्विटर के ज़रिए अपनी मुसीबतों की ओर ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं.

ख़ुद को साद समूह से जुड़ा बताने वाले वीर सिंह ने बीबीसी से कहा, "सुषमा जी के ट्वीट के बाद हमें उम्मीद तो बंधी है, लेकिन अभी कोई मदद नहीं पहुँची हैं. हम इंतज़ार कर रहे हैं."

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