बांग्लादेश: अल्पसंख्यक और उदारवादी निशाने पर

इमेज स्रोत, AFP
बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों में अल्पसंख्यकों, धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं और कई ब्लॉगरों की हत्याएं हुई हैं.
हालाँकि इनमें से कई हत्याओं के पीछे का मक़सद साफ़ नहीं हो पाया है, लेकिन कई मामलों में जाँच एजेंसियों का कहना है कि 'कत्ल करने का तरीका वही है' जो स्थानीय इस्लामी चरमपंथी इस्तेमाल करते हैं.
ऐसी कुछ हत्याओं की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह और बांग्लादेश की अल क़ायदा शाखा ने ली है, लेकिन बांग्लादेश सरकार इन हत्याओं के पीछे स्थानीय इस्लामी चरमपंथियों का हाथ बताती रही है.
उदारवादी इस बात से भयभीत हैं कि ऐसे हमलों का अगला निशाना कौन बन सकता है?
एक नज़र इस साल बांग्लादेश में घटी घटनाओं पर

इमेज स्रोत, AFP
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि श्यामानंद दास शुक्रवार की सुबहर पूजा की तैयारी कर रहे थे, तभी तीन मोटरसाइकिल सवार लोगों ने गंडासे से उनका क़त्ल कर दिया.

पुलिस ने कहा था कि हिंदू मंदिर में काम करने वाले एक कर्मचारी की हत्या कर दी गई. इस व्यक्ति को फांसी लटकाकर मारा गया. मारे गए व्यक्ति की उम्र 60 साल के आसपास रही होगी.
पुलिस का कहना था कि कई लोगों ने उस पर हमला किया.
<bold>5 जून-</bold> बांग्लादेश के उत्तर-पश्चिम इलाके में एक ईसाई <link type="page"><caption> दुकानदार की हत्या</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2016/06/160605_christian_killed_in_bangladesh_dil" platform="highweb"/></link> कर दी गई थी. चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट ने कहा था कि ये हत्या उसने की है.
इस हत्या के कुछ ही घंटे पहले संदिग्ध इस्लामी चरमपंथियों ने दक्षिण पूर्वी शहर चटगांव के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की पत्नी की हत्या कर दी थी.

बांग्लादेश के पश्चिमी झेनाइदाह ज़िले में 70 साल के आनंद गोपाल गांगुली का सिरकटा शव बरामद हुआ था.
बाद में कथित हत्यारों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई में तीन संदिग्ध इस्लामी चरमपंथी मारे गए थे.

बांग्लादेश के दक्षिण पूर्वी ज़िले के बंदरबन में 75 साल के एक बौद्ध भिक्षु की हत्या कर दी गई थी.
पूर्वी बांग्लादेश के एक ज़िले में 50 साल के निखिल जोर्दर की हत्या कर दी गई थी. उन पर उस वक़्त धारदार हथियारों से हमला किया गया था, जब वो अपनी दुकान के बाहर बैठे थे.
अप्रैल में ही राजधानी ढाका में समलैंगिकों की पत्रिका के एक वरिष्ठ संपादक जुलहास मन्नान की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












