ज़िम्बाब्वेः हफ़्तों से घायल हाथी, ज़िंदा बचा

इमेज स्रोत, AWARE TRUST ZIMBABWE
ज़िम्बाब्वे में कई हफ़्तों से बंदूक़ की गोली से घायल घूम रहे हाथी को बचा लिया गया है. जब वह पशु चिकित्सकों को मिला तो उसे सिर में गोली मौजूद थी.
माना जा रहा है कि संदिग्ध शिकारियों ने हाथी को तीन या छह हफ़्ते पहले गोली मारी थी.
अवेयर ट्रस्ट नाम के संरक्षण समूह ने हाथी का इलाज किया. समूह के पशुचिकित्सकों को हाथी माना पूल्स नेशनल पार्क में मिला.
माना पूल्स पहले से शिकारियों के निशाने पर रहा है. ये शिकारी बेशक़ीमती हाथी दांत के लिए हाथियों को मारते हैं.
डॉक्टर लिसा मराबिनी ने बीबीसी को बताया कि टीम ने पहले हाथी को शांत किया, फिर उसका एक्स-रे लिया गया. घांवों को साफ़ करने के बाद तय किया गया कि गोली को माथे में रहने देना ही ठीक है.

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लिसा के अनुसार हाथी की उम्र लगभग 25 साल होगी और उसे संभवतः आगे और इलाज की ज़रूरत पड़ सकती है.
उन्होंने बताया, "लगता है उसे पार्क के बाहर गोली मारी गई. वह जान बचाने के लिए पार्क में दौड़ा आया." पार्क के नज़दीक ही शिकार क्षेत्र है.
लीसा बताती हैं कि प्रीटी ब्यॉय नाम का यह हाथी पार्क में पशुचकित्सकों के पास आकर रुका. उसने किसी तरह की आक्रामकता नहीं दिखाई.

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वे यह भी कहती हैं कि यदि गोली उसके माथे पर कुछ सेंटीमीटर और नीचे लगती तो वो मस्तिष्क में चली जाती.
इस साल के शुरू में माना पूल के भीतर वन्यजीवन रेंजरों ने इटली से आए एक पिता और उनके बच्चे को शिकारी समझ कर गोली मार दी थी. वे लोग अवैध शिकार विरोधी गश्त पर थें.
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