तुर्क पत्रकारों के लिए सज़ा की मांग

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दो तुर्क पत्रकारों के लिए कथित सरकार विरोधी रिपोर्टिंग के आरोप में उम्र कैद की सज़ा मांगी गई है.
कमहुर्रियत अख़बार के प्रमुख संपादक कान दुंदार और अंकारा प्रतिनिधि एर्देन गुल पर जासूसी के आरोप लगाए गए हैं.
अख़बार की एक कहानी में आरोप लगाया गया था कि तुर्की की सरकार सीरिया में इस्लामी चरमपंथियों को हथियार दे रही है.
अभियोजकों ने इन पत्रकारों पर अमरीका में बसे एक मौलवी के साथ मिल कर सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया है.

इन पत्रकारों के लिए कठिन सज़ा की मांग से प्रेस की आज़ादी पर चिंता जताई गई है.
मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि दोनों, ''पत्रकार के रूप में अपना काम कर रहे थे, उससे ज़्यादा कुछ नहीं.’’
पिछली मई में कमहुर्रियत ने अपनी वीडियो रिपोर्ट जारी की थी जिसमें पुलिस को ट्रकों में हथियार मिलते दिखाया गया था और इन्हें तुर्की की खुफिया सेवाओं से जोड़ा गया था.
तुर्क अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि सीरियाई सीमा पर पकड़े गए ये ट्रक वास्तव में सीरियाई तुर्कमेन अल्पसंख्यकों के लिए मदद ले कर आ रहे थे.
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