मलेशियाई पीएम 'करोड़ों के भ्रष्टाचार' से मुक्त

मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक को भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त कर दिया गया है.
मलेशिया के अटॉर्नी जनरल का कहना है कि रज़ाक के बैंक खाते में 68.1 करोड़ डॉलर की जो रकम ट्रांसफर की गई थी, वो उन्हें सऊदी शाही परिवार से 'तोहफ़े' में मिली थी.
अटॉर्नी जनरल मोहम्मद अपांदी अली का कहना है कि वो इस बात को लेकर संतुष्ट है कि इस मामलें कोई गड़बड़ी नहीं हुई है.
हालांकि प्रमुख विपक्षी पार्टी के नेता ने इस दावे को सिरे से ख़ारिज कर दिया है.
आलोचकों का कहना है कि ये रक़म सरकारी निवेश फंड से आई थी. पहले भ्रष्टाचार निरोधी अधिकारियों ने कहा था कि ये रकम रिश्वत के तौर पर विदेश से ली गई है.
इस मामले के सुर्खियों में आने के बाद से विपक्ष प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा था, हालांकि रज़ाक अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों से लगातार इनकार करते रहे हैं.
मलेशिया में कई महीनों से ये मामला सुर्ख़ियों में बना हुआ है.
लेकिन मंगलवार को मलेशिया के अटॉर्नी जनरल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस कर कहा कि ये राशि सऊदी अरब के शाही परिवार से निजी चंदे के तौर पर मिली थी और 2013 में मार्च के आखिर और अप्रैल के शुरुआत में रज़ाक के खाते में ट्रांसफर की गई थी.














