प्रवासियों को लेकर कड़े नियमों का प्रस्ताव

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जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने अपराध करने वाले प्रवासियों को वापस भेजने के नियम आसान करने का प्रस्ताव रखा है.
चांसलर ने ये क़दम कोलोन में नए साल की पूर्व संध्या महिलाओं पर हुए यौन हमलों के बाद उठाया है.
शिकायत करने वाली महिलाओं ने कहा था कि संदिग्ध हमलावर उत्तरी अफ़्रीकी और अरब मूल के थे.

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इन शिकायतों के बाद चांसलर मर्केल की शरणार्थी नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं.
दूसरी ओर प्रवासी विरोधी पेगिडा आंदोलन शहर में प्रदर्शन करने जा रहा है.
क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी की बैठक के बाद मर्केल ने प्रवासी नियमों में कड़ाई के प्रस्ताव रखे.
मर्केल ने कहा, "जब अपराध होते हैं और लोग ख़ुद को क़ानून से ऊपर समझते हैं, तो उन्हें इसके परिणाम भी भुगतने चाहिए."

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जर्मनी में मौजूदा नियमों के तहत सिर्फ़ उन प्रवासियों को ही वापस भेजा जाता है, जिन्हें कम से कम तीन साल की सज़ा हुई हो और अपने मुल्क में जिनकी जान ख़तरे में न हो.
नए नियमों के तहत आपराधिक मामलों का सामने करने वालों को भी वापस भेजा जा सकता है.
हालांकि नए नियमों को अभी संसद की अनुमति मिलना बाक़ी है.
कोलोन में हुए यौन हमलों के लिए 21 संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है.
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