आईएस का जन्म सीरिया में नहीं: बशर अल-असद

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सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद ने इस बात से साफ़ इंकार किया कि उनका देश आईएस चरमपंथियों की जन्मस्थली है.
इटली टीवी पर राष्ट्रपति ने कहा कि सीरिया में प्रशिक्षित जिहादी विदेशी सरकारों (तुर्की, सऊदी अरब और क़तर सहित) के समर्थन से हमलों को अंजाम दे रहे हैं.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पश्चिम की नीतियां भी निश्चित तौर पर अलग-अलग तरह से चरमपंथियों का सहयोग करती हैं.
बशर अल-असद का कहना है कि आईएस की शुरुआत सीरिया से नहीं, बल्कि इराक़ और इससे पहले अफ़ग़ानिस्तान से हो चुकी थी.
इस संदर्भ में उन्होंने ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के बयान का उल्लेख किया. ब्लेयर ने कहा था, "इराक़ के युद्ध ने इस्लामिक स्टेट को खड़ा करने में सहायता की."

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असद ने कहा कि ब्लेयर की स्वीकारोक्ति सबसे बड़ा सबूत है.
बीते सप्ताह पेरिस में हुए हमले में 129 लोग मारे गए थे. हमले की ज़िम्मेदारी आईएस ने ली है.
सीरिया और इराक़ के बड़े इलाक़े पर आईएस का क़ब्ज़ा है.
बशर अल-असद ने कहा कि सीरिया में सत्ता परिवर्तन के लिए चुनाव की बात उस समय तक नहीं हो सकती जब तक उनके देश के एक हिस्से पर उनके शब्दों में आतंकवादी संगठन आईएस का क़ब्ज़ा है.
बुधवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लैबरोव ने पश्चिमी देशों से कहा है कि इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ जंग में रूस के साथ शामिल होने के लिए राष्ट्रपति असद को हटाए जाने की मांग को छोड़ दें.
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