रूस: क़ब्र से निकाला गया अंतिम राजा का शव

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रूसी जांचकर्ताओं ने देश के अंतिम राजा निकोलस-II और उनकी पत्नी के अवशेषों को क़ब्र से निकाला है.
रूस में राजा को ज़ार कहा जाता था.
जांचकर्ता 1918 में कम्युनिस्ट क्रांतिकारियों द्वारा आख़िरी राजा के परिवार की हत्या की नए सिरे से जांच कर रहे हैं.
अवशेषों की हड्डियों से नमूने लिए जाएंगे. इनके आधार पर इस बात की पुष्टि करने की कोशिश की जाएगी कि रूसी राष्ट्रीय अभिलेखागार में जो दो अन्य शव रखे हैं, वो क्या ज़ार के बच्चों के हैं.
हत्याकांड की जांच
जांच के लिए निकोलस-II, उनकी पत्नी एलेक्जेंद्रा और निकोलस-11 के दादा एलेक्ज़ेंडर-II की वर्दी पर लगे ख़ून के धब्बों के अवशेषों से नमूने लिए जाएंगे.

1918 में क्रांतिकारियों ने शाही परिवार के जिन सदस्यों की हत्या कर दी थी, उन्हें सेंट पिटर्सबर्ग कैथेड्रल में दफ़नाया गया था.
1991 में उराल में सामूहिक क़ब्र में मिले अवशेषों की डीएनए जांच से ये प्रमाणित हो गया था कि ये शाही परिवार के लोग थे. इसके बाद इस हत्याकांड की जांच 1998 में बंद कर दी गई थी.
ज़ार निकोलस-II, उनकी पत्नी एलेक्जेंद्रा, उनकी चार बेटियों, एक बेटे और शाही परिवार के चार कर्मचारियों की 1918 में हत्या कर दी गई थी.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ एक रात उन सबको एक लाइन में खड़ा करके गोली मार दी गई थी.

और गोली लगने के बाद भी जिनकी तत्काल मौत नहीं हुई थी, उनको बंदूक़ का भाला भोंक कर मार डाला गया था.
डीएनए टेस्ट
रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च के कुछ सदस्य डीएनए जांच से संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि राजकुमार अलेक्सी और राजकुमारी मारिया के अवशेष उराल में एक दूसरी जगह 2007 में मिले थे.

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इस सरकारी जांच समिति का कहना है कि नए मिले अवशेषों की प्रामाणिकता के लिए नई जांच ज़रूरी है.
रूसी सरकार राजकुमार अलेक्सी और राजकुमारी मारिया को सेंट पीटर्सबर्ग पेटर और पॉल कैथेड्रल में उनके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ फिर से दफ़नाना चाहती है. लेकिन दफ़नाने से पहले चर्च अवशेषों को लेकर संतुष्ट होना चाहता है.
राजा निकोलस-II, उनकी पत्नी और उनकी तीन बेटियों को इस हत्याकांड की 80वीं बरसी पर 17 जुलाई 1998 को आधिकारिक तौर पर दोबारा दफ़नाया गया था.
रूसी चर्च ने इन लोगों को 2000 में संत की उपाधि दी थी.
माना जा रहा है कि 2018 में इस हत्याकांड की 100वीं बरसी से पहले राजकुमार अलेक्सी और राजकुमारी मारिया को भी संत घोषित किया जा सकता है.
इन दोनों के अवशेषों को फ़िलहाल रूसी राष्ट्रीय अभिलेखागार में रखा गया है.
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