'शरणार्थियों से साथ जानवरों जैसा सलूक'

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सर्बिया की सीमा के नज़दीक हंगरी के रोश्की शरणार्थी शिविर में प्रवासियों से अमानवीय व्यवहार का फुटेज सामने आया है.
इस फुटेज में दिख रहा है कि इस शिविर में शरणार्थियों पर खाने से भरे बैग फेंके जा रहे हैं.
ऑस्ट्रिया ग्रीन पार्टी के एक नेता की पत्नी और कैंप में सहायताकर्मी के तौर पर मौजूद मिकेला स्प्रित्ज़ेनडॉर्फर और पत्रकार क्लॉस कफनर ने ये वीडियो बनाया है.
मिकेला ने बीबीसी को बताया, "ये लोग तीन महीने का भयावह सफर तय करने के बाद यहाँ पहुँचे हैं. इनमें से अधिकांश समुद्र के रास्ते आए हैं और कई दिन नाव में गुजारने के बाद जंगल के रास्ते यहाँ पहुँचे हैं."
'जानवरों जैसा बर्ताव'

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मिकेला ने कहा, "उनके साथ बुरा बर्ताव हो रहा है और हम (यूरोप) उनके साथ जानवरों की तरह बर्ताव कर रहे हैं. यूरोपीय देशों के नेताओं की जिम्मेदारी है कि उन्हें अब सीमाएं खोलनी चाहिए."
ह्यूमन राइट्स के आपातकालीन निर्देशक पीटर बुकार्ट ने कहा है कि रोश्की शिविर में शरणार्थियों के साथ 'बाड़े में रखे गए जानवरों' जैसा बर्ताव किया जा रहा है.

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हंगरी यूरोप आने वाले प्रवासियों के लिए प्रवेश द्वार है, जहां इस साल 1 लाख 50 हज़ार लोग पहुँचे हैं और हंगरी में प्रवासियों और पुलिस के बीच कई बार झड़पें हुई हैं.
जर्मनी प्रवासी कोटा की हिमायत कर रहा है और यूरोपियन कमीशन ने 28 सदस्य देशों के बीच एक साल में 1 लाख 20 हज़ार और प्रवासियों को शरण देने का प्रस्ताव दिया है.

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हंगरी, चेक रिपब्लिक, पोलैंड और स्लोवाकिया जैसे देशों ने इन प्रस्तावों का विरोध किया है.
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